लखनऊः उत्तर प्रदेश में LPG की कालाबाजारी के खिलाफ योगी सरकार ने बड़ा अभियान चलाते हुए सख्त कार्रवाई की है। राज्यभर में अब तक 17,581 छापेमारी की गई है, जिसमें 33 एफआईआर दर्ज की गईं और 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस कार्रवाई से गैस माफियाओं में हड़कंप मच गया है।
कालाबाजारी पर सख्त रुख
प्रदेश सरकार ने स्पष्ट किया है कि आम लोगों के हक पर डाका डालने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। घरेलू गैस सिलेंडरों की अवैध बिक्री, रिफिलिंग और व्यावसायिक इस्तेमाल की लगातार शिकायतों के बाद यह बड़ा अभियान शुरू किया गया।
ताबड़तोड़ छापेमारी से खुलासा
अधिकारियों के मुताबिक छापेमारी के दौरान कई स्थानों पर घरेलू LPG सिलेंडरों का अवैध स्टॉक, गैरकानूनी रिफिलिंग सेटअप और परिवहन में गड़बड़ी सामने आई। कई एजेंसियों और गोदामों में नियमों का उल्लंघन भी पाया गया है।
17,581 छापे, 33 FIR दर्ज
सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अब तक कुल 17,581 जगहों पर छापेमारी की गई है। इस दौरान 33 मामलों में एफआईआर दर्ज की गई और 17 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जांच एजेंसियां अब इन मामलों की गहराई से पड़ताल कर रही हैं।
आम उपभोक्ताओं को राहत का दावा
सरकार का कहना है कि इस कार्रवाई का मकसद आम उपभोक्ताओं को राहत देना और गैस की किल्लत को खत्म करना है। कालाबाजारी के कारण अक्सर उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर नहीं मिल पाता था।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और दोषियों के खिलाफ और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि LPG से जुड़ी किसी भी तरह की अवैध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।