कोलकाता: माला रॉय एक बड़े कानूनी विवाद में घिर गई हैं। टॉलीगंज थाने में दर्ज एफआईआर के आधार पर दक्षिण कोलकाता की तृणमूल कांग्रेस सांसद और वार्ड नंबर-88 की काउंसलर माला रॉय ने अपने बेटे अनिर्बान रॉय के साथ अलीपुर अदालत में आत्मसमर्पण किया। अदालत ने दोनों को एक हजार रुपये के निजी मुचलके पर अंतरिम जमानत दे दी है। हालांकि पुलिस सूत्रों के मुताबिक मामले की जांच अभी जारी रहेगी।
चुनाव नतीजों के बाद हिंसा का आरोप
एफआईआर के मुताबिक, 4 मई 2026 को टॉलीगंज थाना क्षेत्र के साधु ताराचरण रोड इलाके में चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद कथित तौर पर भाजपा कार्यकर्ताओं और उनके परिवारों को निशाना बनाया गया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि तृणमूल समर्थकों ने गैर-कानूनी तरीके से भीड़ इकट्ठा कर हथियारों के साथ हमला किया और इलाके में दहशत फैलाने की कोशिश की।
हथियार दिखाकर धमकाने का आरोप
एफआईआर में नामजद आरोपी राणा मन्ना उर्फ गोल्टू पर आरोप है कि उसने खुलेआम आग्नेयास्त्र दिखाकर भाजपा समर्थकों को जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई गंभीर धाराओं के साथ आर्म्स एक्ट की धारा 25(1B)(a) के तहत केस दर्ज किया है।
महिलाओं से बदसलूकी का भी आरोप
मामले में सबसे गंभीर आरोप महिलाओं के साथ कथित छेड़छाड़ और अभद्र व्यवहार का है। शिकायत के अनुसार, कुछ आरोपियों ने भाजपा समर्थकों के परिवार की महिला सदस्यों के साथ बदसलूकी की और उनकी शालीनता भंग करने की कोशिश की।
24 लोग नामजद
पुलिस ने इस मामले में कुल 24 लोगों को नामजद किया है, जिनमें सांसद माला रॉय, उनके बेटे अनिर्बान रॉय समेत कई स्थानीय टीएमसी कार्यकर्ताओं के नाम शामिल हैं। मामले की जांच टॉलीगंज थाने के सब-इंस्पेक्टर एन. एस. बैद्य कर रहे हैं।
भाजपा ने TMC पर साधा निशाना
घटना के बाद राज्य की राजनीति गरमा गई है। भाजपा ने इसे चुनाव बाद हिंसा का बड़ा उदाहरण बताते हुए तृणमूल कांग्रेस पर लोकतंत्र और कानून व्यवस्था को कमजोर करने का आरोप लगाया है। वहीं टीएमसी की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।