नई दिल्ली: चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर देश की राजनीति में एक बार फिर घमासान शुरू हो गया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मॉक पार्लियामेंट में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने के लिए 'जन-महाभियोग' प्रस्ताव पेश किया। इस दौरान उन्होंने चुनाव आयोग और केंद्र की NDA सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। खड़गे ने चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों, मतदाता सूची से नाम हटाने और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति एवं कामकाज को लेकर छह प्रमुख सवाल उठाए। वहीं, बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि देश में पहली वोट चोरी पंडित जवाहरलाल नेहरू ने की थी।
खड़गे ने ज्ञानेश कुमार पर लगाए 6 बड़े आरोप
मॉक पार्लियामेंट में अपने संबोधन के दौरान मल्लिकार्जुन खड़गे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग की। उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए छह प्रमुख आरोप लगाए।
खड़गे के आरोपों में शामिल हैं
चुनाव चुराने की कथित साजिश रचना
करीब 13.2 करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाना
संसद की जानकारी और निगरानी के बिना फॉर्म-6 में बदलाव करना
ECINET के जरिए मतदाता सूचियों पर नियंत्रण करना
अन्य चुनाव आयुक्तों को निर्णय लेने की प्रक्रिया से दूर रखना।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इशारे पर काम करना
खड़गे ने इन आरोपों के आधार पर मुख्य चुनाव आयुक्त को तत्काल पद से हटाने की मांग की
वोट देने का अधिकार गंभीर खतरे में: खड़गे
कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने भाषण की शुरुआत सरदार वल्लभभाई पटेल और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को याद करते हुए की। उन्होंने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 326 के तहत देश के सभी वयस्क नागरिकों को मतदान का अधिकार दिया गया है, लेकिन आज यह अधिकार गंभीर खतरे में है। खड़गे ने कहा कि कांग्रेस और INDIA गठबंधन लोकतंत्र तथा मताधिकार की रक्षा के लिए लड़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अगर देश के नागरिकों को मतदान का अधिकार नहीं मिला होता तो लोकतंत्र की स्थिति अलग होती। खड़गे के मुताबिक, INDIA गठबंधन देश की करीब 60 प्रतिशत जनता का प्रतिनिधित्व करता है और वह मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग कर रहा है।
महाराष्ट्र और कर्नाटक चुनाव को लेकर भी उठाए सवाल
मल्लिकार्जुन खड़गे ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि चुनाव से पहले करीब 40 लाख नए नाम मतदाता सूची में जोड़े गए, जिससे चुनाव परिणाम प्रभावित हुआ।उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर भी सवाल उठाए। खड़गे ने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया के दौरान पांच गुना ज्यादा नाम मतदाता सूची से हटाए गए।
उन्होंने कर्नाटक में भी कथित चुनावी गड़बड़ियों का मुद्दा उठाया और राहुल गांधी द्वारा सामने रखे गए आंकड़ों का जिक्र किया। खड़गे ने दावा किया कि कांग्रेस ने चुनाव आयोग से 18 बार जानकारी मांगी, लेकिन अब तक संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
चोरी पकड़ी तो SIR का ऐलान कर दिया: खड़गे
खड़गे ने कहा कि जब विपक्ष ने कथित वोट चोरी के मुद्दे को उठाया तो SIR की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस मृत मतदाताओं या अपात्र लोगों के नाम मतदाता सूची में बनाए रखने की मांग नहीं कर रही है।उन्होंने कहा कि जिन लोगों की मृत्यु हो चुकी है या जो पात्र नहीं हैं, उनके नाम हटाए जाने चाहिए। लेकिन चुनाव आयोग को यह भी बताना चाहिए कि कितने नाम हटाए गए और किन कारणों से हटाए गए।
खड़गे ने कहा कि मतदाता सूची में पारदर्शिता जरूरी है। सरकार और चुनाव आयोग को आंकड़े सार्वजनिक करने चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि SIR की प्रक्रिया सही तरीके से की जा रही है या नहीं।
2023 के कानून को रद्द करने और SIR रोकने की मांग
कांग्रेस अध्यक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त को तत्काल पद से हटाने के साथ-साथ वर्ष 2023 में बनाए गए चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से संबंधित कानून को रद्द करने की मांग की।उन्होंने SIR की प्रक्रिया पर रोक लगाने की भी मांग की। खड़गे ने आरोप लगाया कि नए कानून के तहत चुनाव आयुक्तों को ऐसी कानूनी सुरक्षा दी गई है, जिस पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।उन्होंने कहा कि विपक्ष लोकतांत्रिक और कानूनी तरीके से अपनी बात रख रहा है, लेकिन जब उसकी मांगों पर सुनवाई नहीं होती तो उसे सड़क पर उतरकर विरोध करना पड़ता है।
BJP का पलटवार, संबित पात्रा बोले- पहली वोट चोरी नेहरू ने की थी
कांग्रेस अध्यक्ष के आरोपों पर बीजेपी ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी। बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में पहली वोट चोरी पंडित जवाहरलाल नेहरू ने की थी।संबित पात्रा ने सरदार वल्लभभाई पटेल और जवाहरलाल नेहरू के बीच प्रधानमंत्री पद को लेकर हुए ऐतिहासिक घटनाक्रम का जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के भीतर हुए मतदान में पटेल के पक्ष में अधिक समर्थन होने के बावजूद नेहरू देश के पहले प्रधानमंत्री बने।बीजेपी ने इस बयान के जरिए कांग्रेस के वोट चोरी संबंधी आरोपों पर पलटवार किया और चुनावी प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस के दावों पर सवाल उठाए।