नई दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी सांसद मनोज तिवारी ने आज यमुना नदी में डुबकी लगाई। उत्तर पूर्व दिल्ली लोकसभा सीट से सांसद तिवारी ने सोनिया विहार घाट पर यह कदम उठाया। उन्होंने नदी के पानी से आचमन भी किया और लोकगीत गाया। तिवारी ने छठ पूजा मनाने वाले लोगों को यमुना तट पर आकर पूजा-अर्चना करने के लिए आमंत्रित किया। उनका यह कृत्य नदी की स्थिति में सुधार के दावे को प्रतीकात्मक रूप से पेश करने वाला था। स्थानीय लोगों और मीडिया के सामने उन्होंने अपनी बात रखी। पूरे आयोजन को भाजपा इकाई ने प्रमुखता दी।
प्रदूषण कम होने का दावा
तिवारी ने दावा किया कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता नीत सरकार द्वारा चलाए गए स्वच्छता अभियानों के कारण पिछले एक साल में यमुना का प्रदूषण काफी हद तक कम हुआ है। उन्होंने कहा कि नदी के कुछ स्थानों पर प्रवासी पक्षियों की मौजूदगी सुधार का संकेत देती है। अगर नदी साफ न होती तो ये पक्षी यहां नहीं आते। भाजपा सरकार ने डेढ़ साल में आधी नदी साफ कर दी है और बाकी काम अगले तीन वर्षों में पूरे हो जाएंगे। उन्होंने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी पर 27 वर्षों में कुछ न कर पाने का आरोप लगाया। स्वच्छता प्रयासों को राजनीतिक उपलब्धि के रूप में पेश किया गया।
अमित शाह द्वारा परियोजनाओं की शुरुआत
कुछ दिन पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने यमुना की सफाई के उद्देश्य से 8941 करोड़ रुपये की 43 परियोजनाओं की शुरुआत की थी। उन्होंने वादा किया था कि भाजपा सरकार मई 2029 तक दिल्ली में यमुना के प्रवाह क्षेत्र को पूरी तरह स्वच्छ बना देगी। इन परियोजनाओं में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट अपग्रेडेशन और प्रदूषण नियंत्रण के उपाय शामिल हैं। तिवारी ने इन प्रयासों का जिक्र करते हुए सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। बड़े बजट वाली योजनाओं को नदी सुधार का आधार बताया गया। दीर्घकालिक लक्ष्य तय कर काम आगे बढ़ाया जा रहा है।
प्रवासी पक्षियों और आचमन का जिक्र
तिवारी ने सोनिया विहार में यमुना के पानी से आचमन किया और कहा कि प्रवासी पक्षियों का आना नदी की सेहत सुधरने का प्रमाण है। पक्षियों की मौजूदगी को पारिस्थितिकीय सुधार का संकेतक माना गया। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे छठ पूजा यमुना तट पर मनाएं। प्रतीकात्मक डुबकी और आचमन से उन्होंने विश्वास जगाने की कोशिश की। स्थानीय परंपराओं से जोड़कर संदेश दिया गया। नदी की स्वच्छता को सांस्कृतिक उत्सवों से जोड़ने का प्रयास साफ दिखा।
आप पर आरोप और चुनौती
तिवारी ने आम आदमी पार्टी पर आरोप लगाया कि वह नदी को प्रदूषित करने का दोष हरियाणा पर मढ़ती रही। उन्होंने अरविंद केजरीवाल को यमुना में डुबकी लगाने की चुनौती दी। भाजपा दिल्ली इकाई ने दावा किया कि दो वर्षों में वह काम हो गया जो विपक्षी दल 27 वर्षों में नहीं कर सके। राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच स्वच्छता मुद्दे को चुनावी रंग देने की कोशिश की गई। चुनौती देकर विपक्ष को घेरने की रणनीति अपनाई गई। सत्ता पक्ष ने अपनी उपलब्धियों को रेखांकित किया।
सौरभ भारद्वाज की प्रतिक्रिया और जवाबी चुनौती
आप दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भाजपा के दावे धोखा हैं। पल्ला से वजीराबाद तक यमुना का 26 किलोमीटर हिस्सा हमेशा तुलनात्मक रूप से साफ रहा है और आप सरकार के दौरान और साफ था। उन्होंने मनोज तिवारी और जल मंत्री परवेश वर्मा को कालिंदी कुंज घाट पर पानी पीने की चुनौती दी। वजीराबाद से ओखला के बीच 22 किलोमीटर का सबसे प्रदूषित हिस्सा लंबे समय से चुनौती बना हुआ है। आप ने डीपीसीसी रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावों को खारिज किया। जवाबी चुनौती से राजनीतिक घमासान तेज हो गया है।