बिहार के नालंदा जिले के बिहारशरीफ स्थित शीतला माता मंदिर में शीतला अष्टमी के मौके पर मंगलवार सुबह भगदड़ मच गई। इस दर्दनाक हादसे में 9 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए। मृतकों में ज्यादातर महिलाएं शामिल हैं।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ बनी हादसे की वजह
शीतला अष्टमी के अवसर पर मंदिर में सुबह से ही हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे थे। मंदिर परिसर में मंगला मेला भी लगा था, जिससे भीड़ और बढ़ गई। इसी दौरान अचानक अफरा-तफरी मच गई और लोग एक-दूसरे पर गिरने लगे, जिससे भगदड़ की स्थिति बन गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ महिलाएं डिहाइड्रेशन और दम घुटने के कारण बेहोश होकर गिर पड़ीं, जिसके बाद हालात बेकाबू हो गए।
घायलों का इलाज जारी, अस्पताल में अफरा-तफरी
हादसे में 8 महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक पुरुष ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। कई घायलों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। घटना के बाद अस्पताल और मंदिर परिसर में अफरा-तफरी का माहौल रहा।
मुआवजे का एलान, सरकार ने जताया दुख
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हादसे पर शोक जताते हुए मृतकों के परिजनों को 6 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी घटना पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये सहायता राशि देने का एलान किया है।
प्रशासन सख्त, जांच और कार्रवाई शुरू
हादसे के बाद प्रशासन ने मंदिर और मेला बंद करवा दिया है। दीपनगर थाना अध्यक्ष को निलंबित कर दिया गया है। CCTV फुटेज और FSL टीम के जरिए मामले की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हर साल उमड़ती है भारी भीड़, फिर भी इंतजाम नाकाफी
मघड़ा स्थित इस शीतला माता मंदिर हर साल शीतला अष्टमी पर हजारों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। परंपरा के अनुसार इस दिन विशेष पूजा होती है, जिसके कारण बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचते हैं। लेकिन इस बार पर्याप्त सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के इंतजाम नहीं होने के कारण यह धार्मिक आयोजन एक बड़ी त्रासदी में बदल गया।