नंदीग्राम: पश्चिम बंगाल में 2026 विधानसभा चुनाव के पहले चरण की वोटिंग से ठीक पहले नंदीग्राम सीट पर सियासी माहौल गरमा गया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) की वरिष्ठ नेता शशि पांजा ने स्थानीय पुलिस और प्रशासन की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं।
पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल
टीएमसी का कहना है कि नंदीग्राम में कानून-व्यवस्था संभालने वाले अधिकारी निष्पक्ष तरीके से काम नहीं कर रहे हैं। पार्टी का आरोप है कि पुलिस की कार्रवाई एकतरफा नजर आ रही है और इससे बीजेपी के चुनावी अभियान को अप्रत्यक्ष फायदा मिल रहा है।
शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होने का आरोप
शशि पांजा ने दावा किया कि टीएमसी कार्यकर्ताओं द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा। उनका कहना है कि बार-बार सूचना देने के बावजूद पुलिस की तरफ से अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई, जिससे कार्यकर्ताओं में नाराजगी है।
पुलिस ऑब्जर्वर बदलने की मांग
स्थिति को लेकर टीएमसी ने चुनाव आयोग से हस्तक्षेप की मांग की थी। पार्टी ने नंदीग्राम में तैनात पुलिस ऑब्जर्वर को हटाने की अपील की, जिसके बाद आयोग ने तेजी से कदम उठाते हुए हितेश चौधरी की जगह अखिलेश कुमार सिंह को नया पुलिस पर्यवेक्षक नियुक्त कर दिया।
केंद्रीय बलों पर भी सवाल
टीएमसी ने यह भी आरोप लगाया है कि प्रशासन और केंद्रीय बलों के बीच समन्वय का इस्तेमाल चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए किया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों पर अभी तक आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
हाई-प्रोफाइल सीट पर बढ़ा तनाव
नंदीग्राम को इस चुनाव का सबसे संवेदनशील और प्रतिष्ठित सीटों में गिना जा रहा है। 2021 की तरह इस बार भी यहां कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है, ऐसे में हर आरोप-प्रत्यारोप का असर चुनावी माहौल पर साफ नजर आ रहा है।