इंट्रो ; पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद सियासी पारा लगातार चढ़ा हुआ है। फलता विधानसभा सीट पर २१ मई को होने वाले पुनर्मतदान (उपचुनाव) के प्रचार के आखिरी दिन राज्य के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने एक बड़ा भावनात्मक और राजनीतिक दांव खेला। फलता में भाजपा उम्मीदवार देवांशु पांडा के समर्थन में एक विशाल रोड शो करने के बाद, मुख्यमंत्री सीधे 2021 की चुनाव बाद हुई हिंसा में मारे गए भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ता स्वपन मंडल के घर पहुंचे। यहाँ उन्होंने न केवल दिवंगत कार्यकर्ता को श्रद्धांजलि दी, बल्कि उनके परिवार के साथ जमीन पर बैठकर पारंपरिक बंगाली शैली में दोपहर का भोजन (मध्यान्ह भोजन) भी किया।
शहीद की तस्वीर पर अर्पित किए पुष्प
स्वपन मंडल के घर पहुँचते ही मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भावुक नजर आए। उन्होंने दिवंगत कार्यकर्ता की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया और मीडिया के माध्यम से कहा:
"मई के विधानसभा चुनाव के बाद हुई राजनीतिक हिंसा का शिकार हुए हमारे सक्रिय कार्यकर्ता स्वर्गीय श्री स्वपन मंडल जी के घर जाकर उनकी प्रतिकृति पर पुष्प अर्पित कर अपनी गहरी श्रद्धा निवेदित की। उनके परिवार के साथ वक्त बिताना और भोजन करना मेरे लिए अत्यंत भावुक क्षण था।
बनेश्वर से फलता बस स्टैंड तक शक्ति प्रदर्शन
इससे पहले, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने फलता सीट से भाजपा प्रत्याशी देवांशु पांडा के पक्ष में एक विशाल चुनावी रोड शो किया। यह रोड शो बनेश्वर से शुरू होकर फलता बस स्टैंड तक गया, जिसमें भारी संख्या में जनसैलाब उमड़ पड़ा। रास्ते भर समर्थकों ने 'जय श्री राम' के नारे लगाए और मुख्यमंत्री पर फूलों की बारिश की।
गौरतलब है कि फलता विधानसभा क्षेत्र डायमंड हार्बर लोकसभा के अंतर्गत आता है, जिसे तृणमूल कांग्रेस (TMC) का गढ़ माना जाता रहा है। इस क्षेत्र में भाजपा की इस भारी मौजूदगी को पार्टी के बड़े शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है।
हिंसा पीड़ितों के परिवारों को नौकरी का आश्वासन
फलता की जनसभा से मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी की पिछली सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने घोषणा की कि 2021 की चुनाव बाद हुई हिंसा में मारे गए भाजपा के ३२१ कार्यकर्ताओं के पीड़ित परिवारों को नई भाजपा सरकार की ओर से सरकारी नौकरियां दी जाएंगी। इसके साथ ही, फलता में जो भी भाजपा कार्यकर्ता टीएमसी के शासनकाल में प्रताड़ित या प्रभावित हुए हैं, उनके पुनर्वास और सुरक्षा के लिए विशेष वित्तीय व प्रशासनिक व्यवस्था की जाएगी।