पिछले कुछ वर्षों में पहचान से जुड़े धोखाधड़ी के मामलों में वृद्धि ने आधार को और सुरक्षित बनाने की आवश्यकता को रेखांकित किया है। इसी कारण भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण आधार की रूपरेखा में ऐसे परिवर्तन करने जा रहा है, जिनसे इसकी गोपनीयता और सुरक्षा और भी सुदृढ़ हो जाएगी। नया संस्करण न केवल आधुनिक तकनीक से युक्त होगा, बल्कि इसमें कई व्यक्तिगत जानकारियाँ खुलकर प्रदर्शित नहीं होंगी, जिससे दुरुपयोग की आशंका कम होगी।
नए आधार कार्ड से हटने वाली दो प्रमुख जानकारियाँ
नए आधार कार्ड में सबसे महत्वपूर्ण परिवर्तन यह होगा कि बारह अंकों का पूर्ण आधार संख्या अब स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देगी। इसके स्थान पर केवल अंतिम चार अंक ही प्रदर्शित होंगे और शेष अंक छिपे स्वरूप में रहेंगे। यह प्रणाली मुखौटा-आधारित पहचान को बढ़ावा देगी, जिससे अनचाहे जोखिमों से बचाव संभव होगा। इसके अतिरिक्त पिता या पति का नाम भी कार्ड से हटाया जा सकता है, ताकि पारिवारिक विवरण खुले रूप में प्रदर्शित न हों और निजी जानकारी सार्वजनिक रूप से प्रकट न हो। आवश्यकता पड़ने पर केवल देखरेख संबंधी संकेत के रूप में देखभाल का उल्लेख रहेगा।
नया आधार कार्ड तकनीकी रूप से कितना बदलेगा
नए आधार कार्ड में सुरक्षा को तीन स्तर पर मजबूत किया जाएगा। इसमें एक बड़े और सुरक्षित तरंग-कोड का उपयोग होगा, जिसमें लाभार्थी का चित्र और जनसांख्यिक जानकारी गोपनीय रूप में संग्रहीत रहेगी। इसे स्कैन करने पर ही सत्यापन संभव होगा। इसके अलावा एक विशेष चमकदार चिह्न और सूक्ष्म-मुद्रित अक्षर कार्ड पर अंकित रहेंगे, जिन्हें नकली कार्ड में उतारना बेहद कठिन होगा। साथ ही एक अदृश्य प्रतीक भी होगा जो केवल विशेष प्रकाश में दिखाई देगा और यह आधार की विश्वसनीयता को और अधिक बढ़ाएगा।
क्या पुराना आधार कार्ड मान्य रहेगा
यह परिवर्तन लागू होने पर भी पुराने आधार कार्ड की वैधता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। पुराना कार्ड पूर्ववत उपयोग में आ सकेगा। हालांकि जिन लोगों को अधिक मजबूत सुरक्षा वाला नया संस्करण चाहिए, वे आधिकारिक माध्यम से नया छपा हुआ कार्ड प्राप्त कर सकेंगे, जिसमें सभी अद्यतन सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध रहेगी।
बदलाव की आवश्यकता क्यों महसूस हुई
आधार प्रतिलिपियों और तस्वीरों के दुरुपयोग की घटनाओं में बढ़ोतरी ने यह स्पष्ट किया कि अत्यधिक प्रदर्शित व्यक्तिगत विवरण धोखाधड़ी के जोखिम को बढ़ाते हैं। पूरा आधार संख्या, पारिवारिक सूचनाएँ और खुला विवरण पहचान सुरक्षा को कमजोर बनाता है। इसी कारण नई व्यवस्था में कम जानकारी प्रदर्शित कर सुरक्षा को अधिक सुनिश्चित बनाने पर बल दिया जा रहा है।
डिजिटल भारत की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
आधार कार्ड में यह परिवर्तन न केवल पहचान-सुरक्षा को नई मजबूती देगा, बल्कि आधुनिक भारत की डिजिटल यात्रा को भी सुरक्षित बनाएगा। यदि कार्ड कहीं खो जाए या उसकी प्रतिलिपि का दुरुपयोग करने की कोशिश हो, तो नए सुरक्षा प्रावधानों के चलते ऐसा करना अत्यंत कठिन होगा। सरकार का उद्देश्य सरल है—कम जानकारी, अधिक सुरक्षा और नागरिकों की पहचान का पूर्ण संरक्षण।
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