नई दिल्ली। पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद विपक्ष ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री Narendra Modi पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और समाजवादी पार्टी समेत कई विपक्षी दलों ने महंगाई को लेकर सरकार को घेरते हुए आम जनता पर बोझ बढ़ाने का आरोप लगाया है। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री को “महंगाई मैन मोदी” बताते हुए कहा कि चुनाव खत्म होते ही सरकार ने जनता से “चंदा वसूली” शुरू कर दी है।
कांग्रेस ने क्या कहा?
Indian National Congress ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा,
“चुनाव खत्म, मोदी की चंदा वसूली शुरू।”
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव खत्म होने के तुरंत बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ाकर आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला गया है।
कितने बढ़े तेल के दाम?
सरकारी तेल कंपनियों ने करीब 4 साल बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की है।
दिल्ली में अब:
पेट्रोल 94.77 रुपये से बढ़कर 97.77 रुपये प्रति लीटर हो गया
डीजल 89.67 रुपये से बढ़कर 90.67 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया
यह बढ़ोतरी असम, केरल, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव खत्म होने के 16 दिन बाद लागू की गई है।
तृणमूल कांग्रेस ने भी साधा निशाना
All India Trinamool Congress के सांसद Derek O'Brien ने कहा कि तेल की कीमतों में बढ़ोतरी पहले से तय थी। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, “पहले वोट लेते हैं, फिर जनता को वहीं चोट पहुंचाते हैं जहां सबसे ज्यादा दर्द होता है।” उन्होंने पश्चिम बंगाल की नई बीजेपी सरकार से पेट्रोल-डीजल पर VAT कम करने की मांग भी उठाई।
अखिलेश यादव का तंज
Akhilesh Yadav ने भी सोशल मीडिया पर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने साइकिल चलाते हुए अपनी तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा,
“अगर आगे बढ़ना है तो साइकिल ही एकमात्र विकल्प है।”
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि बढ़ती महंगाई के दौर में अब साइकिल ही सबसे सस्ता और बेहतर साधन बचा है।
महंगाई पर बढ़ी सियासत
तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद देशभर में महंगाई को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार जनता को राहत देने में नाकाम रही है, जबकि सरकार लगातार वैश्विक हालात और कच्चे तेल की कीमतों का हवाला दे रही है।