यदि भविष्य में मीथेन उत्सर्जन में वृद्धि जारी रहती है तो यह ध्रुवीय क्षेत्रों में ओजोन परत की पुनर्स्थापना को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है। एक अध्ययन में मीथेन उत्सर्जन और समताप मंडल में ओजोन परत की बहाली के बीच मौजूद जटिल संबंधों को उजागर किया गया है। इसके निष्कर्ष एडवांसेज इन एटमॉस्फेरिक साइंसेज नामक जर्नल में प्रकाशित हुए हैं।
ओजोन परत पृथ्वी और उस पर रहने वाले जीवों को हानिकारक पराबैंगनी किरणों से बचाने में अहम भूमिका निभाती है। मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल जैसे वैश्विक प्रयासों ने ओजोन-नाशक पदार्थों पर नियंत्रण पाने में सफलता हासिल की है, लेकिन जलवायु परिवर्तन और मानवीय गतिविधियों के चलते ओजोन परत की पूर्ण बहाली अब भी अनिश्चित बनी हुई है।
बढ़ता मीथेन उत्सर्जन खतरनाक
अध्ययन के अनुसार बढ़ता मीथेन उत्सर्जन बेहद खतरनाक है, क्योंकि यह आर्कटिक और अंटार्कटिक क्षेत्रों में ओजोन परत की बहाली पर विशेष रूप से गंभीर प्रभाव डाल सकता है। जिस प्रकार जमीनी स्तर पर ओजोन हानिकारक होती है, लेकिन समताप मंडल में यह लाभकारी भूमिका निभाती है, उसी तरह मीथेन और अन्य संबंधित तत्व भी दोहरे प्रभाव उत्पन्न कर सकते हैं। गहराई से अध्ययन करने पर इनकी जटिल प्रकृति को समझा जा सकता है, जिससे जलवायु प्रबंधन के लिए प्रभावी रणनीतियां तैयार करने में मदद मिलेगी।
Comments (0)