नई दिल्ली- पीएम मोदी ने 'मन की बात' के 134वें संस्करण में गर्मियों के मौसम, भारतीय आमों की लोकप्रियता, देसी पेय पदार्थों और लू से बचाव को लेकर देशवासियों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि गर्मी का मौसम आते ही देशभर में आम की चर्चा शुरू हो जाती है और भारत का हर क्षेत्र अपने खास स्वाद और खुशबू वाले आम के लिए जाना जाता है।
भारतीय आम अब वैश्विक बाजारों में अपनी पहचान बना रहे
प्रधानमंत्री ने महाराष्ट्र और कोंकण के हापुस (अल्फांसो), गुजरात के केसर, उत्तर प्रदेश के दशहरी और लंगड़ा, बिहार के जर्दालू, चौसा और मालदा जैसे प्रसिद्ध आमों का उल्लेख करते हुए कहा कि हर आम के साथ लोगों की भावनाएं और यादें जुड़ी होती हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय आम अब गांवों से निकलकर वैश्विक बाजारों तक अपनी पहचान बना रहे हैं। इस अवसर पर उन्होंने आम उत्पादक किसानों की सराहना करते हुए कहा कि वे देश की कृषि और अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
पीएम ने पारंपरिक भारतीय पेय पदार्थों की भी चर्चा की
प्रधानमंत्री ने गर्मी के दौरान पारंपरिक भारतीय पेय पदार्थों की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे तापमान बढ़ता है, भारतीय रसोई का स्वरूप भी बदल जाता है। उत्तर भारत का आम पन्ना, पंजाब-हरियाणा की लस्सी, राजस्थान और गुजरात की छाछ तथा बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश का सत्तू शरबत न केवल स्वादिष्ट हैं, बल्कि शरीर को ठंडक और ऊर्जा भी प्रदान करते हैं। उन्होंने लोगों से गर्मी के मौसम में इन पारंपरिक पेयों का आनंद लेने और उन्हें अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आग्रह किया।
लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए
इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने देश के कई हिस्सों में पड़ रही भीषण गर्मी और लू को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए, तेज धूप से बचना चाहिए और आवश्यकता पड़ने पर ही बाहर निकलना चाहिए। प्रधानमंत्री ने नागरिकों से केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की भी अपील की, ताकि गर्मी से होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सके। उन्होंने कहा कि जागरूकता और सावधानी ही इस मौसम में सुरक्षित रहने का सबसे प्रभावी उपाय है।