नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑस्ट्रिया के चांसलर क्रिश्चियन स्टॉकर के साथ द्विपक्षीय वार्ता के दौरान साफ कहा कि आज के वैश्विक तनावपूर्ण माहौल में सैन्य संघर्ष किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत और ऑस्ट्रिया दोनों ही यूक्रेन और पश्चिम एशिया जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में स्थायी और शांतिपूर्ण समाधान के पक्षधर हैं।
वैश्विक तनाव पर साझा चिंता
पीएम मोदी ने कहा कि पूरी दुनिया इस समय गंभीर और अस्थिर परिस्थितियों से गुजर रही है, जिसका असर हर देश पर पड़ रहा है। ऐसे में भारत और ऑस्ट्रिया की यह साझा सोच है कि संवाद और कूटनीति ही समस्याओं का असली समाधान हैं। दोनों देशों ने वैश्विक संस्थाओं में सुधार की आवश्यकता पर भी सहमति जताई।
आतंकवाद के खिलाफ मजबूत साझेदारी
बैठक के दौरान आतंकवाद को जड़ से खत्म करने पर विशेष जोर दिया गया। दोनों देशों ने काउंटर टेररिज्म पर एक संयुक्त कार्य समूह बनाने के लिए समझौता किया। साथ ही, हर प्रकार के आतंकवाद, खासकर सीमा पार आतंकवाद की कड़ी निंदा की गई।
रक्षा और तकनीक में नई साझेदारी
भारत और ऑस्ट्रिया ने रक्षा सहयोग को नई दिशा देते हुए सैन्य प्रशिक्षण, तकनीकी साझेदारी और रक्षा उद्योग में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। यह सहयोग दोनों देशों के बीच रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करेगा।
नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ते रिश्ते
हाल के वर्षों में दोनों देशों के रिश्तों में तेजी आई है। 2024 में पीएम मोदी की वियना यात्रा के बाद संबंधों को नई ऊर्जा मिली। अब दोनों देश हाई-टेक, साइबर सुरक्षा, स्पेस, स्टार्टअप और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ा रहे हैं।
भविष्य की रणनीति और सहयोग
पीएम मोदी ने कहा कि ऑस्ट्रिया की विशेषज्ञता और भारत की क्षमता को मिलाकर वैश्विक स्तर पर मजबूत सप्लाई चेन और नई तकनीकों का विकास किया जाएगा। सेमीकंडक्टर, क्वांटम टेक्नोलॉजी और बायोटेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में भी साझेदारी को गहरा किया जाएगा।