नई दिल्ली - नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है और यह देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को नई मजबूती दे रही है।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिला के लिए सम्मान
पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में आगे कहा कि, जिस तरह से नारी शक्ति वंदन अधिनियम को पारित कर संसद ने एक ऐतिहासिक निर्णय लिया, उसी तरह आगे भी सभी राजनीतिक दलों के सामूहिक प्रयास से संसद की गरिमा और ऊंचाई और बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि यह निर्णय हर महिला के लिए सम्मान और अवसर का प्रतीक है।
महिलाओं ने शीर्ष स्थानों पर अपनी पहचान बनाई है
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत में महिला नेतृत्व का उदाहरण राष्ट्रपति से लेकर प्रधानमंत्री और अन्य शीर्ष पदों तक देखा जा सकता है, जहां महिलाओं ने अपनी अलग और प्रभावशाली पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में भी देश के कई महत्वपूर्ण पदों पर महिलाएं कार्यरत हैं और उन्होंने देश की प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।
पंचायतों में महिलाओं की भागीदारी 50 प्रतिशत के करीब पहुंची
उन्होंने आगे कहा कि भारत की पंचायत व्यवस्था महिला सशक्तिकरण का एक मजबूत उदाहरण बन चुकी है। उन्होंने बताया कि देश में 14 लाख से अधिक महिलाएं स्थानीय निकायों में सक्रिय रूप से काम कर रही हैं और लगभग 21 राज्यों में पंचायतों में महिलाओं की भागीदारी 50 प्रतिशत के करीब पहुंच चुकी है। पीएम ने कहा कि यह स्थिति न केवल भारत के लिए गर्व की बात है, बल्कि यह दुनिया के लिए भी एक प्रेरक उदाहरण है।
महिला नेतृत्व भारत के विकास मॉडल बन चुका
पीएम मोदी ने अपने इस संबोधन में आगे कहा कि, कई अध्ययनों में यह सामने आया है कि जब निर्णय प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी बढ़ती है, तो प्रशासन अधिक संवेदनशील और प्रभावी बनता है। पीएम मोदी ने अंत में कहा कि महिला नेतृत्व भारत के विकास मॉडल का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है और आने वाले समय में यह और अधिक मजबूत भूमिका निभाएगा।