प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुना आयोग की जमकर सराहना की। उन्होंने भारत के तटस्थ और स्वतंत्र निर्वाचन आयोग की तारीफों के पुल बांधते हुए कहा कि दुनिया की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक प्रक्रिया के प्रबंधन का वैश्विक समुदाय को अध्ययन करना चाहिए। इतना विशाल प्रबंधन कोई आसान काम नहीं है। पॉडकास्टर लेक्स फ्रीडमैन के साथ एक पॉडकास्ट में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की चुनावी प्रक्रिया के व्यापक पैमाने पर बात की। उन्होंने इसकी जटिलता और नागरिकों के बीच उच्च स्तर की राजनीतिक भागीदारी पर भी जोर दिया।
हमारे पास एक तटस्थ और स्वतंत्र निर्वाचन आयोग
पीएम मोदी ने कहा, 'भारत में हमारे पास एक तटस्थ और स्वतंत्र निर्वाचन आयोग है। यह चुनाव कराता है। सभी जरूरी निर्णय लेता है। यह अपने आप में इतनी बड़ी सफल कहानी है कि दुनियाभर के प्रमुख विश्वविद्यालयों को इसके प्रबंधन पर अध्ययन करना चाहिए। वैश्विक समुदाय को भारत की चुनाव प्रणाली के पैमाने और राजनीतिक जागरूकता को देखते हुए इसका विश्लेषण करना चाहिए।
98 करोड़ पंजीकृत मतदाता, यह कई देशों की जनसंख्या से भी ज्यादा
फ्रीडमैन ने कहा कि भारत में चुनाव कई दिलचस्प पहलू सामने लाते हैं। उन्होंने पूछा कि क्या ऐसी कोई कहानी है, जो पीएम मोदी को विशेष रूप से प्रभावशाली लगी हो? इस पर 2024 के आम चुनाव का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने बताया कि 98 करोड़ पंजीकृत मतदाता हैं, जो उत्तरी अमेरिका की जनसंख्या से दोगुने से भी अधिक और यूरोपीय संघ की संयुक्त आबादी से भी अधिक है।
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