नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए डाक विभाग के पात्र कर्मचारियों को पीएलबी यानी प्रदर्शन आधारित बोनस देने का ऐलान किया है। इस फैसले से एमटीएस ग्रुप सी और नॉन-गजेटेड ग्रुप बी के कर्मचारियों को फायदा मिलेगा। इसके अलावा पात्र ग्रामीण डाक सेवकों को भी एक्स-ग्रेशिया बोनस दिया जाएगा। बोनस की कैलकुलेशन 60 दिनों के वेतन के आधार पर होगी जबकि इसकी कैलकुलेशन के लिए अधिकतम वेतन सीमा 7000 रुपये प्रति माह तय की गई है। इस आधार पर पात्र नियमित कर्मचारियों और जीडीएस को अधिकतम करीब 13816 रुपये तक बोनस मिल सकता है। डाक विभाग ने 16 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश में बोनस से जुड़े नियमों और इसकी कैलकुलेशन का तरीका बताया है।
किन कर्मचारियों को मिलेगा लाभ
डाक विभाग के आदेश के मुताबिक वित्त वर्ष 2025-26 के लिए बोनस की घोषणा के दायरे में कर्मचारियों की कई श्रेणियां शामिल हैं। मल्टी-टास्किंग स्टाफ को पात्रता के नियमों के अनुसार बोनस मिलेगा। ग्रुप सी श्रेणी के पात्र कर्मचारियों को 60 दिनों के वेतन के बराबर पीएलबी दिया जाएगा। निर्धारित शर्तें पूरी करने वाले नॉन-गजेटेड ग्रुप बी कर्मचारियों को भी इसका लाभ मिलेगा। पात्र ग्रामीण डाक सेवकों को एक्स-ग्रेशिया बोनस दिया जाएगा। फुल-टाइम कैजुअल लेबर और टेम्पररी स्टेटस वाले कैजुअल कर्मचारियों के लिए एडहॉक बोनस का प्रावधान भी किया गया है। सभी श्रेणियों पर एक जैसे नियम लागू नहीं होते। बोनस की रकम और पात्रता संबंधित श्रेणी के नियमों के अनुसार तय होगी।
नियमित कर्मचारियों के लिए कैलकुलेशन
नियमित डाक कर्मचारियों के लिए बोनस की कैलकुलेशन औसत वेतन और बोनस के दिनों के आधार पर की जाएगी। सरकार ने इसके लिए अधिकतम 7000 रुपये प्रति माह की वेतन सीमा निर्धारित की है। बोनस की कैलकुलेशन का फॉर्मूला औसत मासिक वेतन गुणा बोनस के दिन विभाजित 30.4 है। यहां 30.4 एक महीने के औसत दिनों की संख्या है। बोनस की अवधि 60 दिन रखी गई है। अगर कैलकुलेशन के लिए अधिकतम 7000 रुपये मासिक वेतन को आधार बनाया जाए तो 7000 गुणा 60 विभाजित 30.4 लगभग 13816 रुपये बनता है। इसका मतलब है कि निर्धारित वेतन सीमा के आधार पर अधिकतम बोनस करीब 13816 रुपये हो सकता है।
वास्तविक रकम पात्रता पर निर्भर
यह हर कर्मचारी को मिलने वाली निश्चित रकम नहीं है। जिन कर्मचारियों का औसत वेतन कम है या जिन्होंने पूरे वर्ष ड्यूटी नहीं की है उनके बोनस में अंतर हो सकता है। हर कर्मचारी को मिलने वाली वास्तविक रकम उसकी पात्रता औसत वेतन और ड्यूटी की अवधि पर निर्भर करेगी। डाक विभाग के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि पात्रता नियमों के अनुसार ही भुगतान होगा। अपूर्ण सेवा अवधि वाले कर्मचारियों को आनुपातिक बोनस मिल सकता है। विभाग स्तर पर पात्रता सूची तैयार की जाएगी। कर्मचारियों को अपने रिकॉर्ड की जांच करानी चाहिए।
किन भत्तों को जोड़ा जाएगा
नियमित विभागीय कर्मचारियों के लिए वेतन की कैलकुलेशन करते समय कुछ भत्तों को भी शामिल किया जाएगा। इनमें बेसिक पे महंगाई भत्ता एसबी अलाउंस डेपुटेशन अलाउंस और प्रशिक्षण संस्थानों में फैकल्टी सदस्यों को मिलने वाला ट्रेनिंग अलाउंस शामिल है। हालांकि अगर वित्त वर्ष 2025-26 के किसी महीने में संबंधित कर्मचारी की कैलकुलेशन योग्य रकम 7000 रुपये से अधिक रही है तो बोनस की कैलकुलेशन के लिए उसे 7000 रुपये तक ही सीमित रखा जाएगा। इसलिए किसी कर्मचारी की वास्तविक मासिक सैलरी 7000 रुपये से ज्यादा होने पर भी बोनस की कैलकुलेशन पूरी सैलरी के आधार पर नहीं होगी। अधिकतम सीमा का पालन अनिवार्य है।
ग्रामीण डाक सेवकों को एक्स-ग्रेशिया
पात्र ग्रामीण डाक सेवकों को एक्स-ग्रेशिया बोनस दिया जाएगा। इनके लिए भी निर्धारित नियमों के अनुसार गणना की जाएगी। जीडीएस कर्मचारियों की पात्रता अलग मानदंडों पर आधारित होती है। विभाग ने इनके लिए भी स्पष्ट दिशानिर्देश जारी किए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत इन सेवकों को भी सालाना बोनस का लाभ मिलेगा। उनकी सेवा अवधि और पात्रता के आधार पर रकम तय होगी। इस प्रावधान से ग्रामीण डाक व्यवस्था से जुड़े कर्मचारियों को प्रोत्साहन मिलेगा। विभाग स्तर पर इनकी सूची तैयार कर भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।
आदेश जारी और आगे की प्रक्रिया
डाक विभाग ने 16 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश में बोनस से जुड़े नियमों और इसकी कैलकुलेशन का तरीका विस्तार से बताया है। संबंधित सर्किल और डिवीजन कार्यालयों को पात्र कर्मचारियों की सूची तैयार कर भुगतान की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। कर्मचारियों को सलाह दी गई है कि वे अपने वेतन रिकॉर्ड और ड्यूटी अवधि की जांच कर लें। किसी भी विसंगति की स्थिति में संबंधित अधिकारी से संपर्क किया जा सकता है। बोनस का भुगतान निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जाएगा। इस ऐलान से डाक विभाग के लाखों कर्मचारियों को आर्थिक लाभ पहुंचने की उम्मीद है।