पंजाब - पंजाब के संगरूर में ऑनलाइन शॉपिंग के नाम पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। यहां एक मशहूर कपड़ों की दुकान के नाम और पहचान का इस्तेमाल करके सोशल मीडिया पर फर्जी अकाउंट बनाए जाने की शिकायत मिली है। आरोप है कि इन अकाउंट के जरिए महिलाओं को कम कीमत पर सूट बेचने का झांसा दिया जा रहा है। पैसे लेने के बाद ग्राहकों को न तो कपड़े भेजे जाते हैं और न ही उनकी रकम लौटाई जाती है।
असली दुकान के नाम पर बनाए जा रहे फर्जी पेज
दुकान के मालिक आरव गर्ग के मुताबिक, साइबर ठग उनके वास्तविक सोशल मीडिया अकाउंट से कपड़ों की तस्वीरें और रीलें डाउनलोड करके नकली पेज पर पोस्ट कर रहे हैं। इन पोस्ट में सूटों की कीमत असली दुकान के मुकाबले काफी कम दिखाई जाती है, ताकि ग्राहक सस्ते सामान के लालच में आकर ऑर्डर बुक कर लें।
15-20 दिनों से सामने आ रहे मामले
आरव गर्ग ने बताया कि पिछले 15 से 20 दिनों में कई महिलाएं उनके पास शिकायत लेकर पहुंची हैं। महिलाओं का कहना है कि उन्होंने सोशल मीडिया पर दुकान का अकाउंट समझकर सूट ऑर्डर किए और ऑनलाइन भुगतान भी कर दिया, लेकिन सामान उनके घर नहीं पहुंचा। दुकानदार के अनुसार, उन्हें पीड़ित ग्राहकों को समझाना पड़ रहा है कि जिन अकाउंट से ऑर्डर किए गए, वे उनकी दुकान के आधिकारिक पेज नहीं हैं। उनका कहना है कि ठगों ने दुकान के नाम का गलत इस्तेमाल करके लोगों को निशाना बनाया है।
साइबर क्राइम थाने में शिकायत
दुकान मालिक ने मामले की शिकायत संगरूर के साइबर क्राइम थाने में दर्ज कराई है। उनके मुताबिक, साइबर क्राइम टीम ने फर्जी सोशल मीडिया पेजों को बंद कराने और आरोपियों तक पहुंचने के लिए कार्रवाई का भरोसा दिया है। हालांकि, आरोपियों की गिरफ्तारी या फर्जी अकाउंट बंद होने की स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
ऐसे काम करते हैं ऑनलाइन ठग
शादी के सीजन से पहले कपड़ों की खरीदारी बढ़ने के दौरान इस तरह की धोखाधड़ी ग्राहकों के लिए चिंता का विषय है। ठग अक्सर किसी लोकप्रिय दुकान के नाम, तस्वीरों और वीडियो का इस्तेमाल करके नकली अकाउंट बनाते हैं। इसके बाद कम कीमतों का प्रचार कर ग्राहकों से बैंक खातों में पैसे मंगवाते हैं। भुगतान मिलते ही वे फोन उठाना बंद कर सकते हैं या अकाउंट से संपर्क तोड़ सकते हैं। ऐसे मामलों में ग्राहकों को न सामान मिलता है और न ही आसानी से रकम वापस मिल पाती है।
ऑनलाइन खरीदारी से पहले बरतें सावधानी
- दुकान का आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट और वेबसाइट जांचें।
- बहुत कम कीमत या असामान्य छूट देखकर तुरंत भुगतान न करें।
- अकाउंट की पुरानी पोस्ट, संपर्क विवरण और ग्राहक समीक्षाएं जांचें।
- भुगतान करने से पहले विक्रेता की पहचान और रिटर्न नीति की पुष्टि करें।
ठगी होने पर भुगतान का प्रमाण, चैट और अकाउंट का लिंक सुरक्षित रखें तथा तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 या आधिकारिक साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत करें। संगरूर का यह मामला ऑनलाइन खरीदारी के दौरान विक्रेता की पहचान जांचने की अहमियत दिखाता है। ग्राहकों को केवल आकर्षक तस्वीरों और कम कीमतों के आधार पर किसी सोशल मीडिया पेज पर भरोसा करने से बचना चाहिए।