Lucknow | दीपावली से पहले उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने कई अहम फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में 9 अक्टूबर 2026 को लोक भवन, लखनऊ में हुई कैबिनेट बैठक में 30 से अधिक प्रस्तावों पर चर्चा और कई महत्वपूर्ण निर्णयों को मंजूरी दी गई। बैठक में किसानों, महिलाओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, व्यापारियों, युवाओं, स्टार्टअप और शहरी परिवहन से जुड़े प्रस्ताव प्रमुख रहे। कैबिनेट के फैसलों में उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए मुफ्त LPG रिफिल, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए अतिरिक्त साड़ी, भदोही का नाम संत रविदास नगर करने, धान और मोटे अनाज की खरीद नीति, 18 शहरों में इलेक्ट्रिक बसों, यूपी AI मिशन और स्टार्टअप क्रय योजना जैसे मुद्दे शामिल हैं।
दीपावली पर उज्ज्वला लाभार्थियों को मुफ्त LPG रिफिल
कैबिनेट ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को दीपावली के अवसर पर मुफ्त LPG सिलेंडर रिफिल उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इससे प्रदेश के करीब 1.90 लाख उज्ज्वला लाभार्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है। यह फैसला त्योहार से पहले गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश सरकार पहले भी उज्ज्वला लाभार्थियों को मुफ्त LPG रिफिल उपलब्ध कराने की योजना लागू कर चुकी है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को अतिरिक्त साड़ी
कैबिनेट ने प्रदेश की एक लाख 80 हजार से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को अतिरिक्त साड़ी उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। सरकार के इस फैसले का उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्रों पर काम करने वाली महिलाओं को अतिरिक्त यूनिफॉर्म उपलब्ध कराना है।
भदोही का नाम अब संत रविदास नगर
कैबिनेट के प्रमुख फैसलों में भदोही जिले का नाम बदलकर संत रविदास नगर भदोही किए जाने का प्रस्ताव भी शामिल रहा। सरकार की ओर से पहले इस संबंध में घोषणा की गई थी और अब कैबिनेट ने इसे मंजूरी दी है। इस फैसले के बाद जिले के आधिकारिक नाम में बदलाव की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
किसानों के लिए धान और मोटे अनाज की खरीद नीति
किसानों से जुड़े फैसले में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए धान की खरीद नीति को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही मक्का, बाजरा और ज्वार जैसे मोटे अनाज की न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP पर खरीद के लिए भी नीति को हरी झंडी दी गई है। इसका उद्देश्य किसानों को उनकी उपज की सरकारी खरीद के लिए स्पष्ट व्यवस्था उपलब्ध कराना है।
18 शहरों में चलेंगी वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसें
शहरी परिवहन को मजबूत करने और प्रदूषण कम करने के लिए प्रदेश के 18 प्रमुख शहरों में वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसें चलाने की मंजूरी दी गई है। इन शहरों में लखनऊ, कानपुर, आगरा, अलीगढ़, अयोध्या, बरेली, फिरोजाबाद, गाजियाबाद, गोरखपुर, झांसी, मथुरा-वृंदावन, मेरठ, मुरादाबाद, प्रयागराज, शाहजहांपुर, सहारनपुर, वाराणसी और नोएडा (जेवर सहित) शामिल हैं। इन बसों का संचालन Gross Cost Contract (GCC) मॉडल के तहत किया जाएगा। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक अगले चार वित्तीय वर्षों में इन शहरों के लिए करीब 6,650 अतिरिक्त बसें उपलब्ध कराने की योजना है।
स्टार्टअप से सरकारी खरीद को मिलेगा बढ़ावा
स्टार्टअप और MSME क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश स्टार्टअप क्रय योजना-2026 को मंजूरी दी गई है। इसका उद्देश्य प्रदेश में विकसित स्टार्टअप के उत्पादों और सेवाओं को सरकारी खरीद में अधिक अवसर देना है।
उत्तर प्रदेश की स्टार्टअप नीति में भी सार्वजनिक खरीद में स्टार्टअप की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
उत्तर प्रदेश AI मिशन को मंजूरी
तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश को आगे बढ़ाने के लिए UP Artificial Intelligence Mission (UP-AIM) की स्थापना, क्रियान्वयन और संचालन से जुड़ा प्रस्ताव भी कैबिनेट के फैसलों में शामिल रहा। इस पहल का उद्देश्य राज्य में AI आधारित तकनीक, नवाचार और स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा देना है।
व्यापारियों को ब्याज माफी योजना से राहत
व्यापारियों और करदाताओं को राहत देने के लिए उत्तर प्रदेश ब्याज माफी योजना-2026 को भी मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश माल एवं सेवा कर (GST) संशोधन अध्यादेश-2026 को भी स्वीकृति दी गई इन फैसलों का उद्देश्य राज्य में कर संबंधी मामलों और व्यापारिक गतिविधियों से जुड़े लंबित मुद्दों में राहत प्रदान करना है।
Sustainable Aviation Fuel Policy को मंजूरी
औद्योगिक और एविएशन सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश Sustainable Aviation Fuel (SAF) विनिर्माण प्रोत्साहन नीति-2026 को भी मंजूरी दी गई है। इस नीति के जरिए राज्य में पर्यावरण के अनुकूल विमानन ईंधन के उत्पादन और इससे जुड़े निवेश को प्रोत्साहित करने की योजना है।
आयुष छात्रों के इंटर्नशिप भत्ते में बढ़ोतरी
कैबिनेट ने सरकारी आयुर्वेदिक, यूनानी और होम्योपैथी मेडिकल कॉलेजों एवं संस्थानों से जुड़े BAMS, BUMS और BHMS छात्रों के इंटर्नशिप भत्ते में बढ़ोतरी के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। इससे आयुष क्षेत्र में प्रशिक्षण ले रहे छात्रों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
औद्योगिक निवेश और शहरों के विकास पर भी जोर
कैबिनेट ने औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के लिए मॉडल भवन विनियम-2026 और औद्योगिक निवेश नीतियों के तहत भूमि आवंटियों को अधिक परिचालन लचीलापन देने से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी दी। इसके अलावा औद्योगिक गलियारा परियोजना के लिए सरकारी सड़क भूमि के हस्तांतरण और शहरी विस्तार से जुड़े प्रस्तावों पर भी निर्णय लिया गया।
दीपावली से पहले कई वर्गों को राहत
योगी सरकार की इस कैबिनेट बैठक में किसानों, महिलाओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, उज्ज्वला लाभार्थियों, व्यापारियों, युवाओं और स्टार्टअप सेक्टर से जुड़े फैसले लिए गए हैं। साथ ही इलेक्ट्रिक बसों और AI मिशन जैसे फैसलों के जरिए परिवहन और तकनीकी क्षेत्र पर भी जोर दिया गया है। अब इन फैसलों के लिए संबंधित विभागों की ओर से शासनादेश और कार्यान्वयन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।