सिलीगुड़ी: कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और व्यापक निगरानी के बीच राज्य में पहले चरण का मतदान जारी है। चुनाव आयोग के अनुसार, इस बार दर्ज शिकायतों की संख्या पिछले विधानसभा चुनाव की तुलना में काफी कम है। बावजूद इसके, कुछ जगहों से फर्जी मतदान के आरोप सामने आने से चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठने लगे हैं।
सिलीगुड़ी में सामने आया चौंकाने वाला मामला
सिलीगुड़ी विधानसभा क्षेत्र के भारतनगर इलाके में एक हैरान करने वाली घटना सामने आई। यहां पहली बार वोट डालने पहुंची एक युवा मतदाता को यह जानकर झटका लगा कि उनका वोट पहले ही किसी और द्वारा डाला जा चुका है। इस घटना ने स्थानीय स्तर पर नाराजगी और चिंता दोनों को जन्म दिया है।
पहली बार वोट देने का अनुभव बना कड़वा
काजल दास नाम की इस मतदाता के अनुसार, वह सभी जरूरी दस्तावेजों के साथ मतदान केंद्र पहुंचीं और करीब 20-30 मिनट तक अपनी बारी का इंतजार करती रहीं। बाद में प्रीसाइडिंग ऑफिसर ने उन्हें बताया कि उनका वोट पहले ही रिकॉर्ड हो चुका है। यह सुनकर वह भावुक हो गईं और खुद को ठगा हुआ महसूस किया। हालांकि बाद में उन्हें वैकल्पिक प्रक्रिया के तहत वोट डालने की अनुमति दी गई, लेकिन उनका कहना है कि पहली बार मतदान का यह अनुभव बेहद निराशाजनक रहा।
बड़े स्तर पर जारी है मतदान
आज गुरुवार को पहले चरण के तहत 16 जिलों की 152 सीटों पर मतदान हो रहा है। कुल 3.6 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं। इनमें पुरुष, महिला और तीसरे लिंग के मतदाता शामिल हैं। खास बात यह है कि इस बार 4 लाख से अधिक नए मतदाता पहली बार वोटिंग प्रक्रिया का हिस्सा बने हैं।
सुरक्षा के बावजूद कैसे हुई चूक?
चुनाव आयोग ने सुरक्षा के मद्देनजर केंद्रीय बलों की हजारों कंपनियां तैनात की हैं। साथ ही हजारों बूथों पर वेबकास्टिंग और सीसीटीवी के जरिए निगरानी रखी जा रही है। इसके बावजूद फर्जी वोटिंग जैसी घटनाएं सामने आना प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। अब देखने वाली बात होगी कि इस मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाती है और क्या ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति रोकी जा सकेगी।