सौरभ हत्याकांड के आरोपित साहिल और मुस्कान को जेल में रखा गया है, लेकिन उन्हें नशे की तलब लग गई है। दोनों ने जेल अधिकारियों से नशीले पदार्थों की मांग की है, जिसके बाद उन्हें जेल के नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया गया है।
वकील और बेटी से मिलने की अनुमति
साहिल और मुस्कान ने जेल अधीक्षक से मिलकर कानूनी सहायता के लिए वकील की मांग की है। उन्होंने कहा है कि उनके माता-पिता नाराज हैं और कोई उनकी मदद नहीं कर रहा है। मुस्कान ने अपनी बेटी से मिलने की अनुमति भी मांगी है।
जेल प्रशासन की सख्ती
जेल प्रशासन ने साहिल और मुस्कान को आम बंदियों से दूर रखा है, क्योंकि उनकी करतूत से अन्य बंदी भी गुस्से में हैं। जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने बताया है कि साहिल और मुस्कान को नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया गया है, जहां उन्हें नशे से मुक्ति दिलाने के लिए इलाज किया जाएगा।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस सोमवार को साहिल और मुस्कान को रिमांड पर लेने के लिए न्यायालय में प्रार्थना पत्र देगी। इससे पहले, पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया था और उनके पास से एक ड्रम बरामद किया था, जिसमें सौरभ का शव टुकड़ों में डालकर सीमेंट से जमा दिया गया था।
हत्या के बाद आरोपितों की मौज-मस्ती
हत्या के बाद, साहिल और मुस्कान हिमाचल में शिमला, मनाली और कसोल में 13 दिनों तक मौज-मस्ती करते रहे। जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने बताया है कि साहिल सूखा नशा और अन्य नशीले पदार्थों का आदी है, जबकि मुस्कान इंजेक्शन से नशा लेती है। उन्हें शराब की भी लत है।
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