मंगलवार को देश के विभिन्न हिस्सों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने व्यापक तबाही मचाई। पंजाब, दिल्ली और जम्मू कश्मीर सहित कई राज्यों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। अचानक आए इस मौसम परिवर्तन ने न केवल आम जीवन को प्रभावित किया, बल्कि कृषि और परिवहन क्षेत्र पर भी गहरा असर डाला।
पंजाब में फसलों को भारी नुकसान
पंजाब के कई जिलों में तेज बारिश और ओलावृष्टि के कारण गेहूं की फसल खेतों में बिछ गई। लगातार तीन दिनों से हो रही वर्षा ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। राज्य के कृषि मंत्री गुरमीत खुड्डियां के अनुसार लगभग 1.25 लाख एकड़ में फैली गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा सरसों और बागवानी फसलों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।
दिल्ली में विमान सेवाएं प्रभावित
राष्ट्रीय राजधानी में दिनभर बादल छाए रहने और तेज हवाओं के साथ बारिश के कारण इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर विमान संचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ। खराब मौसम के चलते लगभग 300 उड़ानें देर से चलीं, जबकि 22 विमानों को अन्य शहरों की ओर मोड़ना पड़ा। इससे यात्रियों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ा।
ओडिशा और अन्य राज्यों में जनहानि
ओडिशा के मयूरभंज जिले में वज्रपात की चपेट में आने से एक छह वर्षीय बच्चे की दुखद मृत्यु हो गई। इसके अलावा कई जिलों में कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचा और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने से जनजीवन प्रभावित रहा।
जम्मू-कश्मीर में बागवानी को नुकसान
जम्मू-कश्मीर के बांडीपोरा क्षेत्र में ओलावृष्टि से बागवानी को भारी नुकसान हुआ है। फलदार पेड़ों की पत्तियां फट गईं और फूल झड़ गए, जिससे उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका है। बागवानी विभाग के अनुसार कुछ क्षेत्रों में 25 प्रतिशत तक नुकसान का अनुमान लगाया गया है।
आगे भी बना रहेगा खतरा
मौसम विभाग ने पंजाब में आने वाले दिनों में भी वर्षा और ओलावृष्टि की संभावना जताई है। यदि मौसम साफ नहीं हुआ, तो गेहूं की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। इस स्थिति ने किसानों और प्रशासन दोनों के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है, जिससे निपटने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।