रविवार सुबह से ही राजधानी और उसके आसपास के क्षेत्रों में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। सुबह के समय आकाश में घने बादल छा गए और कई स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई। इसके साथ ही गरज और तेज हवाओं के झोंकों ने मौसम को पूरी तरह बदल दिया। मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार प्रातः 8:30 बजे तक लगभग 5 मि.मी. वर्षा दर्ज की गई। बादलों और वर्षा के कारण वातावरण में ठंडक बढ़ गई और तापमान में गिरावट महसूस की गई, जिससे लोगों को गर्मी से काफी राहत मिली।
तापमान में आई उल्लेखनीय गिरावट
मौसम में आए इस बदलाव का सीधा प्रभाव तापमान पर देखा गया। विभाग के अनुसार बादल छाए रहने और वर्षा की गतिविधियों के कारण तापमान में लगभग 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आ सकती है। पिछले कुछ दिनों से बढ़ते तापमान के कारण लोगों को गर्मी का अहसास होने लगा था, लेकिन अचानक बदले मौसम ने वातावरण को सुहावना बना दिया। सुबह के समय ठंडी हवाओं और बादलों ने मौसम को और भी आरामदायक बना दिया।
पश्चिमी विक्षोभ बना बदलाव का कारण
मौसम विज्ञानियों के अनुसार इस अचानक परिवर्तन का मुख्य कारण पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय हुआ “पश्चिमी विक्षोभ” है। यह एक ऐसी मौसमी प्रणाली है जो सामान्यतः उत्तर भारत के मौसम को प्रभावित करती है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बादल बनते हैं और कई स्थानों पर वर्षा, आंधी और तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है। इसी प्रणाली के सक्रिय होने के कारण उत्तर भारत के अनेक क्षेत्रों में मौसम का रुख अचानक बदल गया है।
कई क्षेत्रों के लिए चेतावनी जारी
मौसम विभाग ने राजधानी क्षेत्र के लिए “ऑरेंज अलर्ट” जारी किया है। इसका अर्थ है कि लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है क्योंकि दिन भर मध्यम वर्षा, बिजली चमकने और तेज हवाएं चलने की संभावना बनी हुई है। विभाग के अनुसार वर्षा के दौरान हवा की गति 30 से 40 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जबकि झोंकों की गति 50 किमी प्रति घंटा तक भी हो सकती है। आसपास के कुछ क्षेत्रों के लिए “येलो अलर्ट” जारी किया गया है, जहां हल्की वर्षा और बादल छाए रहने की संभावना है।
उत्तर-पश्चिम भारत में अगले दिनों का अनुमान
आने वाले दिनों में उत्तर-पश्चिम भारत के कई क्षेत्रों में मौसम सक्रिय बना रह सकता है। 15 से 20 मार्च के बीच पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में वर्षा की संभावना जताई गई है। कुछ स्थानों पर गरज, बिजली और 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। पर्वतीय क्षेत्रों के साथ-साथ मैदानी इलाकों में भी हल्की वर्षा और तेज हवाओं का प्रभाव देखने को मिल सकता है। कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की संभावना भी व्यक्त की गई है, जिससे मौसम में और बदलाव आ सकता है।
पूर्वी और मध्य भारत में भी सक्रिय रहेगा मौसम
पूर्वी और मध्य भारत के कई क्षेत्रों में भी वर्षा और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। कुछ स्थानों पर गरज के साथ वर्षा और 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। कुछ इलाकों में तेज हवाओं की गति 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका भी व्यक्त की गई है। इसके अलावा कुछ क्षेत्रों में भारी वर्षा की संभावना भी जताई गई है, जिससे स्थानीय मौसम में अचानक परिवर्तन देखा जा सकता है।
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