पटना: राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के वरिष्ठ नेता और लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार मामला राजनीतिक नहीं बल्कि चोरी की घटना से जुड़ा है। तेज प्रताप यादव ने अपने पटना स्थित आवास से करीब 20 लाख रुपये नकद और अन्य कीमती सामान चोरी होने का आरोप लगाया है। इस मामले में उन्होंने अपने निजी सहायक (पीए) मोतीलाल राय समेत तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।
पीए पर लगाया चोरी का आरोप
तेज प्रताप यादव ने सचिवालय थाना में दर्ज कराई गई शिकायत में आरोप लगाया है कि उनके निजी सहायक मोतीलाल राय ने उनके आवास से नकदी और कई मूल्यवान सामान चोरी कर लिए। उन्होंने अपने ड्राइवर अनिल यादव और सहयोगी विशाल को घटना का प्रत्यक्षदर्शी बताया है।
FIR में क्या-क्या सामान चोरी होने का दावा?
एफआईआर के अनुसार, 22 जून को उनके आवास की अलमारी से लगभग 20 लाख रुपये नकद चोरी हुए, जो कथित तौर पर पार्टी फंड की राशि थी। इसके अलावा 2 तोला सोने की चेन, एक सोने की अंगूठी, Sony की चार पेन ड्राइव, दो हार्ड डिस्क, एक आईपैड, एक मैकबुक, एक लेनोवो लैपटॉप और चार iPhone 17 Pro Max मोबाइल फोन चोरी होने का दावा किया गया है।
बैग लेकर भागते देखा गया आरोपी?
तेज प्रताप यादव ने शिकायत में लिखा है कि घटना वाली रात करीब 11:30 बजे उनके ड्राइवर अनिल यादव और सहयोगी विशाल ने मोतीलाल राय को एक बैग लेकर आवास की बाउंड्री फांदकर भागते हुए देखा था। दोनों को इस मामले का प्रत्यक्षदर्शी गवाह बताया गया है।
तत्काल कार्रवाई की मांग
एफआईआर में तेज प्रताप यादव ने पुलिस से आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई, गिरफ्तारी और चोरी गए नकद व सामान की जल्द बरामदगी की मांग की है। उन्होंने यह भी कहा कि आरोपी पर उन्हें पूरा भरोसा था, जिसका फायदा उठाकर उसने कथित तौर पर इस घटना को अंजाम दिया।
जांच में जुटी पुलिस
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस टीम आवास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और आरोपी के संभावित ठिकानों पर छापेमारी भी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि एफआईआर के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
बिहार की राजनीति में बढ़ी हलचल
इस घटना के सामने आने के बाद बिहार की राजनीति में भी चर्चा तेज हो गई है। आरजेडी के नेताओं ने इसे विश्वासघात का मामला बताया है। वहीं पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर जल्द ही आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी और चोरी गए सामान की बरामदगी का प्रयास किया जाएगा।