कोलकाता/मुर्शिदाबाद: पश्चिम बंगाल में राजनीतिक समीकरण बदलते ही पुलिस और कानून व्यवस्था का कड़ा रुख देखने को मिल रहा है। राज्य के अलग-अलग जिलों से तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कई कद्दावर नेताओं की गिरफ्तारी की खबरें सामने आ रही हैं। सबसे बड़ी कार्रवाई मुर्शिदाबाद जिले में हुई है, जहां नवग्राम के ब्लॉक टीएमसी अध्यक्ष मोहम्मद इनायतुल्लाह (Mohammad Enayatullah) को साल 2023 के एक पुराने हत्या के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया है।
मुर्शिदाबाद: मर्डर केस में फंसे ब्लॉक अध्यक्ष
आरोप है कि मोहम्मद इनायतुल्लाह ने साल 2023 में एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने उनके खिलाफ आर्म्स एक्ट और हत्या का मामला दर्ज किया था। स्थानीय लोगों का आरोप है कि रसूखदार टीएमसी नेता होने के कारण पुलिस अब तक उन्हें छूने से कतरा रही थी, लेकिन अब सत्ता और हालात बदलते ही पुलिस ने उन्हें दबोच लिया है।
हुगली: घर बनाने के लिए मांगी 2 लाख की 'रंगदारी'
हुगली जिले के पांडुआ में एक महिला से मकान बनाने के एवज में 2 लाख रुपये की रंगदारी (तोलाबाजी) मांगने के आरोप में टीएमसी पंचायत सदस्य कृपासिंधु घोष समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि पैसे न मिलने पर टीएमसी नेता के गुंडों ने महिला के निर्माणाधीन मकान का एक हिस्सा तोड़ दिया और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी।
पश्चिम बर्दवान: उपप्रधान पर वसूली और धमकी का आरोप
बुधवार देर रात पश्चिम बर्दवान के बुदबुद से ग्राम पंचायत के उपप्रधान और टीएमसी नेता रुद्रप्रसाद कुंडू उर्फ मना को गिरफ्तार किया गया। उन पर इलाके में लगातार रंगदारी और धमकी देने का आरोप है। हालांकि, रुद्रप्रसाद ने खुद को राजनीति का शिकार बताते हुए कहा कि उन्हें फंसाया जा रहा है।
नारायणगढ़ और जलपाईगुड़ी में भी एक्शन
पश्चिम मेदिनीपुर: नारायणगढ़ से टीएमसी अंचल अध्यक्ष रंजित बसु को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उन पर टीएमसी शासनकाल के दौरान जबरन वसूली, धमकी और भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट करने का पुराना आरोप है।
जलपाईगुड़ी: भाजपा की विजय रैली पर कथित तौर पर गिरफ्तारी हथियारों से हमला करने के आरोप में पराजित टीएमसी उम्मीदवार कृष्ण दास के करीबी सागर लाकड़ा समेत 8 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
पश्चिम बंगाल के विभिन्न हिस्सों से हो रही इन ताबड़तोड़ गिरफ्तारियों ने राज्य की राजनीति में तहलका मचा दिया है। विपक्ष का कहना है कि अब नेताओं के पापों का घड़ा भर चुका है, वहीं टीएमसी इसे राजनीतिक प्रतिशोध का नाम दे रही है।