नई दिल्ली. देशभर के राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल वसूली प्रणाली में बड़ा बदलाव लागू कर दिया गया है। अब टोल प्लाजा पर नकद भुगतान पूरी तरह बंद कर दिया गया है, जिससे यात्रा व्यवस्था को अधिक तेज और सुगम बनाने का प्रयास किया गया है। यह कदम डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने और यातायात जाम की समस्या को कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
फास्टैग बना प्राथमिक माध्यम
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अनुसार अब टोल भुगतान के लिए फास्टैग ही मुख्य और अनिवार्य माध्यम रहेगा। सभी वाहन चालकों को अपने वाहनों में वैध फास्टैग लगाना जरूरी होगा, जिससे टोल प्लाजा पर बिना रुके भुगतान संभव हो सके। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि ईंधन की खपत भी कम होगी।
UPI भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क
नई व्यवस्था के तहत यदि कोई वाहन फास्टैग के बिना टोल प्लाजा पर पहुंचता है, तो उसे वैकल्पिक रूप से UPI के माध्यम से भुगतान करना होगा। हालांकि इसके लिए सामान्य टोल शुल्क का 1.25 गुना भुगतान करना पड़ेगा। इस अतिरिक्त शुल्क का उद्देश्य लोगों को फास्टैग अपनाने के लिए प्रेरित करना है।
यात्रा होगी तेज और सुगम
इस फैसले के पीछे मुख्य उद्देश्य टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारों को समाप्त करना है। डिजिटल भुगतान प्रणाली के माध्यम से वाहनों की आवाजाही तेज होगी, जिससे यात्रियों को बिना रुकावट यात्रा का अनुभव मिलेगा। यह कदम आधुनिक परिवहन प्रणाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण सुधार माना जा रहा है।
10 अप्रैल से लागू हुआ नियम
यह नई व्यवस्था 10 अप्रैल से पूरे देश के राष्ट्रीय राजमार्गों पर लागू कर दी गई है। अब किसी भी टोल प्लाजा पर नकद भुगतान स्वीकार नहीं किया जाएगा। इससे पहले भी फास्टैग को बढ़ावा दिया जा रहा था, लेकिन अब इसे पूरी तरह अनिवार्य बना दिया गया है।
भविष्य की स्मार्ट परिवहन प्रणाली की ओर संकेत
यह परिवर्तन केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि भविष्य की स्मार्ट और डिजिटल परिवहन प्रणाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत है। इससे न केवल यात्रा अधिक सुविधाजनक होगी, बल्कि पारदर्शिता और दक्षता भी बढ़ेगी। आने वाले समय में इस तरह के और भी तकनीकी बदलाव देखने को मिल सकते हैं, जो देश के बुनियादी ढांचे को और मजबूत बनाएंगे।