भारत को 2025 तक टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है, और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने लोगों से इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया है। विश्व क्षय रोग दिवस के अवसर पर, राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि इस दिन का उद्देश्य जनता को क्षयरोग के वैश्विक प्रभाव के बारे में जागरूक करना और इसे रोकने के प्रयासों का समर्थन करना है।
टीबी मुक्त भारत का लक्ष्य
भारत सरकार ने 2025 तक टीबी को खत्म करने का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए, सरकार ने निजी संगठनों और सिविल सोसाइटी के साथ मिलकर काम करने का फैसला किया है। मेघालय सरकार ने भी इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है, जिसमें राज्य के सभी टीबी मरीजों को गोद लेने का फैसला किया गया है।
गुजरात में टीबी मुक्ति के प्रयास
गुजरात ने टीबी मुक्ति के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। राज्य ने नीति आयोग के टीबी के खात्मे के लक्ष्य को 95 प्रतिशत तक हासिल कर लिया है, जो इस लक्ष्य को प्राप्त करने में अव्वल प्रदेश है।
निक्षय मित्र कार्यक्रम
भारत सरकार ने सितंबर, 2022 में 'निक्षय मित्र' कार्यक्रम के तहत निजी स्तर पर, निजी संगठनों और सिविल सोसाइटी की मदद से टीबी मरीजों को अंगीकार करना शुरू किया है। इस कार्यक्रम के तहत, मरीजों को अतिरिक्त पोषण और इलाज के दौरान उचित देखभाल प्रदान की जाती है।
मेघालय की पहल
मेघालय सरकार ने टीबी मरीजों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है। राज्य ने अपने सभी टीबी मरीजों को गोद लेने का फैसला किया है, जिससे उन्हें उचित देखभाल और पोषण प्रदान किया जा सके।
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