लखनऊ: मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सोमवार को कहा कि उत्तर प्रदेश के विद्यालयों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में विद्यार्थियों को चुनावी प्रक्रिया और उसकी पारदर्शिता के बारे में जानकारी देने के लिए कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि युवाओं को मतदान प्रक्रिया की पूरी जानकारी देना चुनावी जागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इन कार्यक्रमों के जरिए विद्यार्थियों को बताया जाएगा कि चुनाव किस तरह आयोजित होते हैं और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता कैसे सुनिश्चित की जाती है। कुमार दो दिवसीय दौरे पर लखनऊ पहुंचे हैं और इस दौरान चुनावी साक्षरता से जुड़े कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।उन्होंने कहा कि युवाओं को लोकतांत्रिक व्यवस्था से जोड़ना और उन्हें जिम्मेदार मतदाता बनाना इन कार्यक्रमों का प्रमुख उद्देश्य है। स्कूल और विश्वविद्यालय स्तर पर चुनावी प्रक्रिया को अनुभव आधारित और डिजिटल माध्यमों से समझाने पर भी जोर दिया जाएगा। इस पहल के जरिए विद्यार्थियों में मतदान को लेकर जागरूकता और लोकतांत्रिक भागीदारी बढ़ाने की कोशिश की जाएगी।
लखनऊ से पुराना नाता, बीएलओ को बताया लोकतंत्र की नींव
लखनऊ पहुंचे ज्ञानेश कुमार ने शहर से अपने पुराने जुड़ाव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि लखनऊ से उनका पुराना नाता है और उन्होंने यहीं से अपनी उच्च शिक्षा की शुरुआत की थी। कुमार ने लखनऊ को अपनी तपोभूमि बताते हुए कहा कि लंबे समय बाद वह अपनी कर्मभूमि में उत्तर प्रदेश के मतदाताओं को संदेश देने आए हैं। उन्होंने विशेष रूप से बूथ स्तर के अधिकारियों यानी बीएलओ से बातचीत को महत्वपूर्ण बताया। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने बीएलओ को लोकतंत्र की नींव बताते हुए कहा कि जमीनी स्तर पर चुनावी प्रक्रिया को मजबूत बनाने में उनकी अहम भूमिका होती है। दौरे के दौरान वह बीएलओ के सामने आने वाली चुनौतियों और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी चर्चा करेंगे। मंगलवार को लखनऊ और आसपास के जिलों के करीब 500 बूथ स्तर के अधिकारियों से उनकी बातचीत प्रस्तावित है।
कॉल्विन तालुकदार्स कॉलेज में विद्यार्थियों से संवाद
ज्ञानेश कुमार के दौरे में विद्यार्थियों के साथ संवाद का कार्यक्रम भी शामिल है। वह कॉल्विन तालुकदार्स कॉलेज पहुंचकर विद्यार्थियों से बातचीत करेंगे, जहां उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा प्राप्त की थी। इस दौरान विद्यार्थियों को चुनावी प्रक्रिया, मतदाता की भूमिका और लोकतंत्र में उनकी भागीदारी के बारे में जानकारी दी जाएगी। युवाओं के सवालों और उनकी जिज्ञासाओं को समझने के लिए संवाद आधारित कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके बाद कुमार इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित क्षेत्रीय सम्मेलन में शामिल होंगे। यह सम्मेलन चुनावी साक्षरता क्लब यानी ईएलसी 2.0 और निर्वाचन आयोग के डिजिटल मंच ईसीआईनेट से जुड़ा है। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं और शिक्षण संस्थानों को आधुनिक माध्यमों के जरिए चुनावी प्रक्रिया से जोड़ना है।
ईएलसी 2.0 के जरिए सालभर चलेगी चुनावी जागरूकता
व्यवस्थित मतदाता शिक्षा और निर्वाचक सहभागिता यानी स्वीप पहल के तहत वर्ष 2018 में चुनावी साक्षरता क्लब कार्यक्रम शुरू किया गया था। अब इस कार्यक्रम को ईएलसी 2.0 के रूप में नया स्वरूप दिया जा रहा है। इसके तहत विद्यालयों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में चुनावी साक्षरता से जुड़ी गतिविधियां पूरे साल संचालित की जाएंगी। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक जानकारी देने के बजाय अनुभव आधारित गतिविधियों से जोड़ने पर जोर रहेगा। डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर युवाओं को चुनावी प्रक्रिया की जानकारी आसानी से उपलब्ध कराने की योजना है। इस पहल से विद्यार्थियों को मतदान के अधिकार, जिम्मेदारियों और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता को समझने में मदद मिलेगी। ईएलसी 2.0 को युवाओं में लोकतांत्रिक भागीदारी बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
मेरठ और वाराणसी में भी होंगे क्षेत्रीय सम्मेलन
लखनऊ के बाद ईएलसी 2.0 और ईसीआईनेट पर क्षेत्रीय सम्मेलन उत्तर प्रदेश के अन्य प्रमुख शहरों में भी आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों का आयोजन मेरठ और वाराणसी में भी किया जाएगा। इसके जरिए अलग-अलग क्षेत्रों के शिक्षण संस्थानों, विद्यार्थियों और चुनावी व्यवस्था से जुड़े लोगों को एक मंच पर लाने की कोशिश होगी। क्षेत्रीय स्तर पर चुनावी साक्षरता को बढ़ावा देने के साथ युवाओं को चुनावी प्रक्रिया से जोड़ना इसका प्रमुख उद्देश्य रहेगा। डिजिटल मंचों के माध्यम से चुनाव से जुड़ी जानकारी को अधिक व्यापक स्तर तक पहुंचाने पर भी जोर दिया जाएगा। इन कार्यक्रमों से विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक संस्थाओं और चुनावी व्यवस्था को करीब से समझने का अवसर मिलेगा। उत्तर प्रदेश में 2027 की शुरुआत में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं, ऐसे में मतदाता जागरूकता से जुड़े इन कार्यक्रमों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बीएलओ के साथ संवाद पर भी रहेगा फोकस
मुख्य निर्वाचन आयुक्त अपने दौरे के दौरान बूथ स्तर के अधिकारियों के साथ भी विस्तार से चर्चा करेंगे। मंगलवार को लखनऊ और आसपास के जिलों के करीब 500 बीएलओ के साथ संवाद का कार्यक्रम रखा गया है। बीएलओ मतदाता सूची और मतदान केंद्र से जुड़ी व्यवस्थाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जमीनी स्तर पर मतदाताओं तक चुनावी जानकारी पहुंचाने में भी उनकी भूमिका अहम होती है। ज्ञानेश कुमार ने बीएलओ को लोकतंत्र की नींव बताते हुए उनके योगदान को रेखांकित किया है। संवाद के दौरान चुनावी प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने से जुड़े विषयों पर चर्चा की जाएगी। आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए बूथ स्तर की तैयारियों और मतदाता जागरूकता पर भी विशेष ध्यान रहेगा।