कोलकाता: पश्चिम बंगाल में आने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सत्तारूढ़ All India Trinamool Congress (TMC) ने अपने पार्षदों के लिए कड़ा संदेश जारी किया है। पार्टी नेतृत्व ने साफ संकेत दिया है कि विधानसभा चुनाव में वार्ड स्तर पर प्रदर्शन ही तय करेगा कि नगर निगम चुनाव में किसे टिकट मिलेगा।
भवानीपुर में आयोजित एक कार्यकर्ता बैठक में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और पार्टी के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी ने पार्षदों को चेतावनी देते हुए कहा कि उनके कामकाज और चुनावी प्रदर्शन पर करीबी नजर रखी जाएगी।
सूत्रों के मुताबिक, पार्टी की रणनीतिक टीम I-PAC हर वार्ड का डेटा जुटा रही है। विधानसभा चुनाव में जहां पार्टी को बेहतर बढ़त मिलेगी, वहीं के पार्षदों को नगर चुनाव में प्राथमिकता दी जाएगी।
क्या है TMC की नई रणनीति?
- विधानसभा चुनाव में वार्ड स्तर पर ‘लीड’ बनाना अनिवार्य
- खराब प्रदर्शन पर टिकट कटने का खतरा
- हर पार्षद के काम और गतिविधियों की निगरानी
- चुनावी नतीजों के आधार पर संगठन में बदलाव
क्यों बदली रणनीति?
पिछले लोकसभा चुनाव में शहरी क्षेत्रों में TMC का प्रदर्शन कमजोर रहा था। कई नगर निकायों में भाजपा को बढ़त मिली थी। इसी नुकसान की भरपाई के लिए पार्टी अब पार्षदों को सीधे जिम्मेदारी दे रही है।
पार्टी नेताओं का मानना है कि कई पार्षद नगर चुनाव में तो सक्रिय रहते हैं, लेकिन विधानसभा और लोकसभा चुनाव में उतनी मेहनत नहीं करते। इस सोच को बदलने के लिए अब ‘परफॉर्मेंस बेस्ड पॉलिटिक्स’ लागू की जा रही है।
पार्षदों के लिए साफ संदेश
TMC नेतृत्व ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह दबाव पूरी तरह राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है। कमजोर इलाकों में पार्षदों को सीमित नुकसान रखने की छूट दी जा रही है, लेकिन बेहतर प्रदर्शन हर हाल में जरूरी होगा।
राजनीतिक मायने
विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम पार्टी संगठन को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की रणनीति है। इससे आने वाले नगर चुनाव और विधानसभा चुनाव दोनों में फायदा उठाने की कोशिश की जा रही है।