एम्स भोपाल में अंगदान और अंग प्रत्यारोपण को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। 25 मार्च को आयोजित क्षेत्रीय सीएमई और कार्यशाला के दौरान ‘आभार कार्ड’ योजना की शुरुआत की गई। इसके साथ ही नेशनल एकेडमी ऑफ मेडिकल साइंसेज (NAMS) सेल का भी उद्घाटन किया गया।
अंगदान करने वाले परिवारों को मिलेगा विशेष लाभ
‘आभार कार्ड (एम्स भोपाल अंगदान एवं जीवन रक्षण कार्ड)’ के तहत अंगदान करने वाले मरीजों के परिजनों को चिकित्सा सेवाओं में प्राथमिकता दी जाएगी। इसमें ओपीडी पंजीकरण में प्राथमिकता, आवश्यकता अनुसार सर्जरी में प्राथमिकता और संस्थान के तय प्रोटोकॉल के अनुसार जांच सेवाओं तक आसान पहुंच शामिल है।
NAMS सेल का हुआ उद्घाटन
कार्यक्रम में ने एम्स भोपाल में NAMS सेल का उद्घाटन किया। इस सेल का उद्देश्य मध्यभारत में अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना और ट्रांसप्लांट सेवाओं को और सशक्त बनाना है। इस अवसर पर देशभर से आए विशेषज्ञों को अंगदान की शपथ भी दिलाई गई।
ट्रांसप्लांट के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा एम्स भोपाल
डॉ. बेहरा ने बताया कि एम्स भोपाल में अब तक 3 हार्ट ट्रांसप्लांट और 18 किडनी ट्रांसप्लांट सफलतापूर्वक किए जा चुके हैं। एम्स भोपाल देश का दूसरा ऐसा एम्स है, जहां हार्ट ट्रांसप्लांट की सुविधा उपलब्ध है।
लिवर और लंग ट्रांसप्लांट की तैयारी
एम्स प्रबंधन के अनुसार संस्थान में लिवर और लंग ट्रांसप्लांट शुरू करने की तैयारियां चल रही हैं। उम्मीद है कि ये सुविधाएं इसी वर्ष शुरू कर दी जाएंगी, जिससे मध्यप्रदेश और आसपास के राज्यों के मरीजों को बड़ा लाभ मिलेगा।
मध्यभारत में मजबूत ट्रांसप्लांट सेंटर बनने की दिशा
विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रांसप्लांट एक जटिल लेकिन जीवनरक्षक प्रक्रिया है। एम्स भोपाल तेजी से मध्यभारत के एक प्रमुख ट्रांसप्लांट सेंटर के रूप में उभर रहा है। NAMS सेल के माध्यम से अंगदान को लेकर जन-जागरूकता को नई गति मिलेगी।