देशभर में अखिदेश में 1300 IAS और 605 IPS पद खाली हैं। IPS अधिकारियों की कमी में मध्य प्रदेश दूसरे नंबर पर है। जानिए इसका प्रशासन और कानून व्यवस्था पर क्या असर पड़ेगा।ल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों की संख्या में भारी कमी सामने आई है। केंद्र सरकार द्वारा में दी गई जानकारी के अनुसार, वर्तमान में भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के 1300 और भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के 605 पद रिक्त हैं।
AGMUT और ओडिशा कैडर में सबसे ज्यादा रिक्तियां
1 जनवरी 2025 तक की स्थिति में IAS के सर्वाधिक 136 पद AGMUT कैडर में खाली पाए गए हैं। वहीं IPS के मामले में ओडिशा कैडर में सबसे ज्यादा 63 पद रिक्त हैं, जो देश में सबसे अधिक हैं।
IPS की कमी में MP देश में दूसरे स्थान पर
मध्यप्रदेश में इस समय 68 IAS और 48 IPS पद खाली पड़े हैं। IPS अधिकारियों की कमी के मामले में ओडिशा के बाद मध्यप्रदेश देश में दूसरे स्थान पर है, जो राज्य की कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती मानी जा रही है।
देशभर में 25 कैडर, हजारों पद स्वीकृत
लोकसभा में पेश आंकड़ों के अनुसार, देश में अखिल भारतीय सेवाओं के कुल 25 कैडर हैं। इन सभी कैडरों में IAS के 6877 स्वीकृत पद हैं, जिनमें से फिलहाल 5577 अधिकारी ही कार्यरत हैं। वहीं IPS के 5099 स्वीकृत पदों में से 4594 अधिकारी ड्यूटी पर तैनात हैं।
भर्ती प्रक्रिया निरंतर जारी: कार्मिक मंत्रालय
अधिकारियों की कमी को लेकर कार्मिक मंत्रालय ने बताया कि रिक्त पदों का आकलन और उन्हें भरने की प्रक्रिया एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। वर्ष 2012 से हर साल सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से औसतन 180 IAS अधिकारियों की भर्ती की जा रही है।
आरक्षित वर्गों में कोई बैकलॉग नहीं
सरकार ने स्पष्ट किया है कि IAS और IPS दोनों सेवाओं में आरक्षित पदों का कोई बैकलॉग नहीं है। वर्ष 2020 से 2024 के बीच IAS में 245 OBC, 135 SC और 67 ST उम्मीदवारों की सीधी भर्ती की गई है। वहीं IPS में यह संख्या क्रमशः 255 OBC, 141 SC और 71 ST रही है।
दिव्यांगों के लिए 4% आरक्षण का प्रावधान
IAS सेवा में कुल रिक्त पदों में से 4 प्रतिशत पद दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए आरक्षित हैं। इन पदों को भरने के लिए द्वारा नियमित रूप से सिविल सेवा परीक्षाओं का आयोजन किया जा रहा है।