कोलकाता: पश्चिम बंगाल सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए एक नया सख्त परिपत्र जारी किया है। राज्य के मुख्य सचिव की ओर से जारी इस आदेश में सरकारी कर्मचारियों के मीडिया, प्रेस, सोशल मीडिया और निजी प्रकाशनों से जुड़े व्यवहार पर कई नई पाबंदियां लगाई गई हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

बिना अनुमति मीडिया कार्यक्रम में शामिल होने पर रोक
जारी आदेश के मुताबिक अब कोई भी सरकारी कर्मचारी बिना पूर्व अनुमति किसी टीवी डिबेट, प्रायोजित कार्यक्रम, निजी मीडिया शो या सार्वजनिक चर्चा में हिस्सा नहीं ले सकेगा। सरकार का कहना है कि इससे प्रशासनिक अनुशासन बनाए रखने में मदद मिलेगी।
सरकारी दस्तावेज़ साझा करना होगा अपराध
परिपत्र में साफ कहा गया है कि किसी भी सरकारी दस्तावेज़, फाइल या गोपनीय जानकारी को प्रेस या किसी बाहरी व्यक्ति के साथ साझा करना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जानकारी लीक करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
लेख लिखने और संपादन कार्य पर भी पाबंदी
सरकारी कर्मचारी अब अखबार, पत्रिका या किसी अन्य प्रकाशन में बिना अनुमति लेख, टिप्पणी या पत्र नहीं लिख सकेंगे। इसके अलावा रेडियो कार्यक्रमों में भाग लेने और किसी प्रकाशन के संपादन या प्रबंधन से भी दूरी बनाए रखनी होगी।
सरकार की आलोचना करने पर कार्रवाई संभव
आदेश में यह भी कहा गया है कि कोई भी कर्मचारी सोशल मीडिया, टीवी, अखबार या अन्य सार्वजनिक मंचों पर केंद्र या राज्य सरकार की नीतियों की प्रतिकूल आलोचना नहीं कर सकेगा। सरकार ने इसे सेवा आचरण नियमों का हिस्सा बताया है।
केंद्र-राज्य संबंधों पर टिप्पणी से बचने का निर्देश
सरकार ने ऐसे किसी भी बयान, लेख या प्रसारण पर रोक लगाई है जिससे केंद्र और राज्य सरकारों के संबंधों या भारत के विदेशी देशों के साथ संबंधों पर नकारात्मक असर पड़ सकता हो।
कई सेवा नियमों का दिया गया हवाला
इस आदेश को लागू करने के लिए सरकार ने ऑल इंडिया सर्विस (आचरण) नियमावली 1968, पश्चिम बंगाल सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली 1959 और अन्य सेवा नियमों का हवाला दिया है। मुख्य सचिव ने चेतावनी दी है कि नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।