कोलकाता: पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था में बड़ा प्रशासनिक बदलाव करते हुए सभी मदरसों में ‘वंदे मातरम’ गाना अनिवार्य कर दिया है। अब राज्य के हर मदरसे में कक्षाएं शुरू होने से पहले सुबह की प्रार्थना या असेंबली के दौरान राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ का सामूहिक गायन किया जाएगा। मदरसा शिक्षा निदेशालय (अल्पसंख्यक मामले और मदरसा शिक्षा विभाग) की ओर से 19 मई 2026 को जारी आधिकारिक अधिसूचना (मेमो नंबर: 470-ME) में इस फैसले की जानकारी दी गई है।
किन-किन संस्थानों में लागू होगा आदेश?
राज्य सरकार द्वारा जारी निर्देश के अनुसार यह नियम तत्काल प्रभाव से पश्चिम बंगाल के सभी प्रकार के मदरसों पर लागू होगा। इनमें शामिल हैं—
- सरकारी मॉडल मदरसे (अंग्रेजी माध्यम)
- सरकारी सहायता प्राप्त मान्यता प्राप्त मदरसे
- स्वीकृत MSK (मदरसा शिक्षा केंद्र)
- स्वीकृत SSK (शिक्षा सहायता केंद्र)
- गैर-सहायता प्राप्त (Unaided) मान्यता प्राप्त मदरसे
आदेश में क्या कहा गया?
सरकारी अधिसूचना में स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि- “पूर्व में जारी सभी आदेशों और प्रथाओं को निरस्त करते हुए, कक्षाओं की शुरुआत से पहले सुबह की प्रार्थना के समय ‘वंदे मातरम’ का गायन अनिवार्य किया जाता है।” इस आदेश पर मदरसा शिक्षा निदेशक, पश्चिम बंगाल के हस्ताक्षर हैं। आदेश की प्रतियां सभी जिलाधिकारियों (DM), जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों (DOMA) और जिला विद्यालय निरीक्षकों (DI/S) को भेज दी गई हैं ताकि तुरंत इसका पालन सुनिश्चित किया जा सके।
‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ से जुड़ा फैसला
राज्य सरकार का यह निर्णय ऐसे समय आया है जब पूरे देश में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ को लेकर विशेष कार्यक्रम और चर्चाएं चल रही हैं। माना जा रहा है कि राज्य सरकार का यह कदम उसी राष्ट्रीय और सांस्कृतिक पहल का हिस्सा है। इससे पहले राज्य सरकार ने पश्चिम बंगाल के सभी सरकारी स्कूलों में भी ‘वंदे मातरम’ गाना अनिवार्य करने का फैसला लिया था। अब वही नियम मदरसों में भी लागू कर दिया गया है।
प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज
राज्य सरकार के इस फैसले के बाद शिक्षा और राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। समर्थकों का कहना है कि इससे छात्रों में राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक चेतना मजबूत होगी, जबकि विपक्ष और कुछ संगठनों की ओर से इस मुद्दे पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना जताई जा रही है। सरकार ने सभी शैक्षणिक संस्थानों को नए नियम का तुरंत पालन करने का निर्देश दिया है।