Jaipur: राजस्थान में एक तरफ तो चुनाव को लेकर सियासत (Sachin Pilot Divorce) गर्माई हुई हैं। तो वहीं दूसरी तरफ राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम और कांग्रेस कार्य समिति मेंबर सचिन पायलट अब पत्नी सारा पायलट के तलाक की खबर सामने आ रही हैं। आपको बता दें कि सचिन पायलट और सारा पायलट के बीच तलाक हो चुका है। इसका खुलासा पायलट के चुनावी एफिडेविट से हुआ। दरअसल उन्होंने टोंक विधानसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में नामांकन भरने के बाद दिए एफिडेविट में पत्नी के नाम के आगे 'तलाकशुदा' लिखा है।
पत्नी के कॉलम में लिखा 'तलाकशुदा'
सचिन पायलट के दोनों बच्चे उनके पास हैं। पायलट ने एफिडेविट में डिपेंडेंट के तौर पर दोनों बच्चों (आरन पायलट और विहान पायलट) के नाम लिखे हैं। पिछले विधानसभा चुनाव (नवंबर 2018) में दिए एफिडेविट में सचिन पायलट ने पत्नी के नाम के कॉलम में सारा पायलट का नाम लिखा था। इस बार पत्नी के नाम के कॉलम में 'तलाकशुदा' लिखा है।
जानें कौन है सारा पायलट
सचिन पायलट और सारा के अलग होने की चर्चाएं 2014 के लोकसभा चुनावों (Sachin Pilot Divorce) के दौरान भी चली थीं। उस वक्त इन्हें अफवाहें बताकर खारिज कर दिया गया था। पायलट ने सारा पायलट से जनवरी 2004 में शादी की थी। आपको बता दें कि सारा जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम और नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ नेता फारुख अब्दुल्ला की बेटी और उमर अब्दुल्ला की बहन हैं। दिसंबर 2018 में डिप्टी सीएम पद की शपथ सचिन पायलट ने ली थी। उस दौरान समारोह में सारा पायलट, दोनों बेटे और फारुख अब्दुल्ला भी शामिल हुए थे। तस्वीर 2018 चुनाव के बाद शपथ ग्रहण समारोह की है। इसमें सचिन पायलट के साथ सारा और दोनों बच्चे भी मौजूद थे।
चुनावी एफिडेविट आने पर पता चली तलाक की जानकारी
सचिन पायलट और सारा के बीच तलाक हो जाने की जानकारी पहली बार सार्वजनिक हुई है। अभी यह साफ नहीं हुआ है कि तलाक कब हुआ?
पूरी तरह फिल्मी है सारा और सचिन की प्रेम कहानी
पायलट की प्रेम कहानी पूरी तरह फिल्मी है। सचिन अमेरिका की पेंसिलवानिया यूनिवर्सिटी के व्हॉर्टन स्कूल में थे। उसी दौरान उनकी मुलाकात जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की बहन सारा से हुई थी।
19 साल पहले हुई थी शादी
सचिन और सारा ने जनवरी 2004 में शादी की थी। अब्दुल्ला परिवार (Sachin Pilot Divorce) ने शादी को मान्यता देने से इनकार कर दिया था। शादी के कुछ महीनों बाद ही सचिन राजनीति के मैदान में उतरे। महज 26 साल की उम्र में दौसा से पहला लोकसभा चुनाव लड़कर बड़े अंतर से जीतकर सबसे युवा सांसद बने। इसके कुछ समय बाद अब्दुल्ला परिवार ने भी नाराजगी भुलाकर सचिन पायलट को अपने दामाद के रूप में स्वीकार कर लिया।