Jaipur: सत्ताधारी पार्टी की राजनीति (Rajasthan Election 2023) में इन दिनों कई घटनाएं ऐसी सुनने को मिल रही हैं जिनकी पहले कल्पना भी नहीं की जा सकती थी। पिछले दिनों एक मंत्री तक मुखिया का संदेश पहुंचाना था। इसका जिम्मा एक खास नजदीकी को दिया गया। नजदीकी ने मंत्री को फोन घुमाया और मुखिया का संदेश सुना दिया। बदले में मंत्री ने कुछ पॉलिटिकल फीडबैक दिया, आसपास की सीटों के समीकरणों और नेताओं के नाम बता दिए। इस पर नजदीकी का लहजा और लैंग्वेज ग्रेसफुल नहीं थी, जिसकी अब दबी जुबान में चर्चा हो रही है। दीवारों के भी कान होते हैं, जिस वक्त मुखिया के नजदीकी ने मंत्री से फोन पर बात की, पास में कोई सुन रहा था। उस वक्त मंत्री राजधानी से बाहर थे, अन्यथा जिस लहजे में जो बातें कही गईं उसका जवाब उन्हें भौतिक रूप से मिल सकता था।
सत्ताधारी पार्टी की राजनीति (Rajasthan Election 2023) में इन दिनों कई घटनाएं ऐसी सुनने को मिल रही हैं जिनकी पहले कल्पना भी नहीं की जा सकती थी।