ज्योतिष के अनुसार चंद्र ग्रहण के समय राहु का प्रभाव अत्यधिक सक्रिय हो जाता है, जिसके कारण मांगलिक और शुभ कार्यों पर विराम लग जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस अवधि में वातावरण में अदृश्य ऊर्जा परिवर्तन होते हैं, जो मानव मन और भावनाओं पर असर डालते हैं। यही कारण है कि ग्रहणकाल में पूजा-पाठ और मंत्र जप को अत्यधिक महत्वपूर्ण बताया गया है।
भारत में कब दिखेगा चंद्र ग्रहण
फाल्गुन माह की पूर्णिमा पर, मंगलवार 03 मार्च को इस वर्ष का पहला चंद्र ग्रहण लगेगा। यह भारत में दिखने वाला ग्रहण है, इसलिए इसका सूतक काल भी मान्य होगा। चंद्र ग्रहण से नौ घंटे पूर्व सूतक आरंभ हो जाएगा। भारत में चंद्रोदय के बाद ग्रहण दिखाई देगा और इसका समय शाम 06 बजकर 26 मिनट से 06 बजकर 46 मिनट तक रहेगा। इस पूरी अवधि में जागरूक रहना और ज्योतिषीय नियमों का पालन लाभकारी माना जाता है।
ग्रहण के दौरान क्या न करें
ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि ग्रहणकाल में मायावी ग्रहों की ऊर्जा अत्यधिक सक्रिय रहती है, जिससे निर्णय क्षमता और मनोबल प्रभावित हो सकता है। इसलिए इस अवधि में कोई भी शुभ या नया कार्य प्रारंभ नहीं करना चाहिए। भोजन भी ग्रहणकाल में वर्जित माना गया है, हालांकि छोटे बच्चों, बीमार व्यक्तियों, वृद्धों और गर्भवती महिलाओं के लिए कुछ विशेष परिस्थितियों में ग्रहण से तीन घंटे पूर्व तक भोजन ग्रहण करने की अनुमति दी गई है। ग्रहण के दौरान मानसिक शांति बनाए रखना आवश्यक है।
चंद्र देव के मंत्रों का विशेष महत्व
ग्रहण के नकारात्मक प्रभावों से बचने के लिए चंद्र देव का स्मरण सबसे प्रभावी उपाय माना गया है। चंद्र मन के कारक देवता माने जाते हैं, इसलिए उनके नामों का जप करने से मन शांत होता है और मानसिक तनाव दूर होता है। यह जप व्यक्ति की भावनात्मक स्थिरता को मजबूत करता है और शुभ कार्यों में सफलता दिलाने में सहायक बनता है। ग्रहणकाल में मंत्र जप का प्रभाव सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक माना जाता है।
अशुभ प्रभावों से मुक्ति और मानसिक राहत
फाल्गुन पूर्णिमा के इस चंद्र ग्रहण के दौरान अगर साधक श्रद्धापूर्वक मंत्र जप करें, तो ग्रहणजनित अशुभ प्रभाव काफी हद तक कम हो जाते हैं। विशेष रूप से मानसिक तनाव, चिंता, अस्थिरता और नकारात्मक विचारों से राहत मिलती है। ग्रहणकाल को आध्यात्मिक उन्नति का उत्तम अवसर बताया गया है। इसलिए इस अवधि में ध्यान, प्रार्थना और मंत्र जप का अभ्यास व्यक्ति के मन को संतुलित करता है और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है।
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