भोपाल: आज 8 नवंबर को देशभर में दीपावली का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। दिवाली की शाम घरों में दीप जलाए जाएंगे और मां लक्ष्मी व भगवान गणेश की विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दीपावली पर शुभ मुहूर्त में लक्ष्मी पूजन करने का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि विधि-विधान से पूजा करने पर घर में सुख, शांति और समृद्धि आती है। इस बार लक्ष्मी-गणेश पूजन के लिए शाम का विशेष मुहूर्त निर्धारित किया गया है।
आज कितने बजे करें लक्ष्मी-गणेश की पूजा?
दिवाली पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा का शुभ मुहूर्त आज शाम 5 बजकर 54 मिनट से रात 7 बजकर 50 मिनट तक रहेगा। इस तरह भक्तों को पूजा के लिए कुल 1 घंटा 56 मिनट का समय मिलेगा।ज्योतिषीय गणना के अनुसार, यह समय प्रदोष काल और वृषभ लग्न में पड़ रहा है। वृषभ लग्न को स्थिर लग्न माना जाता है। इसी वजह से गृहस्थों के लिए इस दौरान लक्ष्मी पूजन करना विशेष फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि शुभ मुहूर्त में पूजा करने से घर में धन-धान्य और सुख-समृद्धि बनी रहती है।
आज दिवाली पर प्रदोष काल का समय
कार्तिक अमावस्या के दिन सूर्यास्त के बाद का समय दीपावली पूजन के लिए विशेष महत्व रखता है। आज 8 नवंबर को सूर्यास्त शाम 5 बजकर 31 मिनट पर होगा। इसके बाद प्रदोष काल शुरू होकर रात 8 बजकर 9 मिनट तक रहेगा।प्रदोष काल में मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करने की परंपरा है। इस दौरान घर के मंदिर या पूजा स्थल पर दीपक जलाकर परिवार के साथ आराधना की जाती है। दिवाली पर घर के मुख्य द्वार, आंगन और अन्य स्थानों पर दीप जलाने का भी विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है।
दिवाली पर अमावस्या तिथि कब तक रहेगी?
दीपावली का पर्व कार्तिक मास की अमावस्या तिथि को मनाया जाता है। पंचांग के अनुसार, इस साल अमावस्या तिथि 8 नवंबर को सुबह 11 बजकर 27 मिनट पर शुरू हुई है। यह तिथि 9 नवंबर को दोपहर 12 बजकर 31 मिनट तक रहेगी।
व्यापार और प्रतिष्ठानों में पूजा का शुभ समय
दिवाली का पर्व घरों के साथ-साथ व्यापारिक प्रतिष्ठानों और दुकानों में भी विशेष रूप से मनाया जाता है। इस दिन व्यापारी अपने बही-खातों, तिजोरी और कारोबार से जुड़ी वस्तुओं की पूजा करते हैं।पंचांग के अनुसार, आज व्यापारिक प्रतिष्ठानों में पूजा के लिए कुंभ लग्न दोपहर 1 बजकर 27 मिनट से 2 बजकर 54 मिनट तक रहेगा। वहीं, सिंह लग्न का समय रात 12 बजकर 25 मिनट से 2 बजकर 42 मिनट तक बताया गया है।व्यापारी अपनी परंपरा और स्थानीय पंचांग के अनुसार पूजा का समय निर्धारित कर सकते हैं।
दिवाली पर कैसे करें लक्ष्मी-गणेश पूजन?
दीपावली पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा विधि-विधान से करने की परंपरा है। इसके लिए सबसे पहले घर और पूजा स्थल की अच्छी तरह साफ-सफाई करें। शाम को एक चौकी पर साफ कपड़ा बिछाकर भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित करें।पूजा की थाली में रोली, अक्षत, फूल, धूप, दीप, मिठाई और फल रखें। सबसे पहले भगवान गणेश का पूजन करें और उन्हें दूर्वा, फूल व मोदक अर्पित करें। इसके बाद मां लक्ष्मी को कमल का फूल, मिठाई और सुगंधित पुष्प चढ़ाएं।
माता लक्ष्मी के सामने घी का दीपक जलाएं और पूरे परिवार के साथ आरती करें। पूजा के दौरान घर में सुख-शांति, अच्छे स्वास्थ्य और धन-धान्य की कामना करें।पूजा समाप्त होने के बाद घर के मुख्य द्वार, आंगन, बालकनी और तुलसी के पास दीपक जलाएं। परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर दीपावली का त्योहार खुशियों और उत्साह के साथ मनाएं।