अयोध्या - उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने अयोध्या दौरे के दूसरे दिन रविवार को धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल हुए। सुबह उन्होंने सबसे पहले हनुमानगढ़ी और राम जन्मभूमि पहुंचकर दर्शन-पूजन किया। इसके बाद मुख्यमंत्री रामघाट हाल्ट के पास स्थित निषाद बस्ती पहुंचे, जहां दीपावली मिलन कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
इस दौरान उन्होंने स्वच्छता से जुड़े लोगों को दीपावली की सौगात दी और उनके साथ समय बिताया। कार्यक्रम में सीएम योगी ने मौजूद लोगों के साथ सेल्फी भी खिंचवाई। अपने दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने संतों से मुलाकात की और अयोध्या के विकास तथा धार्मिक आयोजनों को लेकर भी अपनी बात रखी।
हनुमानगढ़ी और राम जन्मभूमि में किया दर्शन-पूजन
अयोध्या प्रवास के दूसरे दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सबसे पहले हनुमानगढ़ी में पहुंचकर बजरंगबली के दर्शन किए। इसके बाद उन्होंने राम जन्मभूमि परिसर में भगवान श्रीराम के दर्शन-पूजन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और जनता के कल्याण की कामना की। मुख्यमंत्री का यह दौरा धार्मिक गतिविधियों के साथ-साथ सामाजिक संवाद पर भी केंद्रित रहा।
निषाद बस्ती में स्वच्छता कर्मियों को दी दीपावली की सौगात
दर्शन-पूजन के बाद मुख्यमंत्री रामघाट हाल्ट के नजदीक निषाद बस्ती पहुंचे। यहां आयोजित दीपावली मिलन समारोह में उन्होंने स्वच्छता से जुड़े लोगों को सम्मान और त्योहार की सौगात दी। मुख्यमंत्री ने इस दौरान कार्यक्रम में मौजूद लोगों से बातचीत की और उनके साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं। इस कार्यक्रम के जरिए स्वच्छता कार्यों में योगदान देने वाले लोगों के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया। मुख्यमंत्री ने सामाजिक समरसता और सभी वर्गों की भागीदारी को त्योहारों की खुशी का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
अशोक सिंघल वार्ड से मणिराम दास छावनी तक पहुंचे CM योगी
निषाद बस्ती के कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री का काफिला अशोक सिंघल वार्ड पहुंचा। इसके बाद उन्होंने दिगंबर अखाड़ा, बड़ा भक्तमाल और मणिराम दास छावनी का दौरा किया। यहां उन्होंने संत-महात्माओं से मुलाकात की और उनका आशीर्वाद लिया। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में कारसेवकपुरम में संतों के साथ बैठक भी शामिल है। इस दौरान धार्मिक और सामाजिक विषयों पर चर्चा होने की संभावना है।
'एक जमाना था जब अयोध्या में जय श्री राम बोलने पर रोक थी'
दर्शन-पूजन और विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मीडिया से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने अयोध्या के पुराने दौर और वर्तमान स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि एक समय ऐसा था जब अयोध्या में 'जय श्री राम' बोलने तक पर रोक लगा दी जाती थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीराम के भक्तों पर लाठियां बरसाई गईं और गोलियां चलाई गईं। यहां तक कि रामनगरी में परिक्रमा करने पर भी पाबंदी लगा दी गई थी। उन्होंने कहा कि आज परिस्थितियां बदल चुकी हैं और भगवान श्रीराम के भक्तों का अयोध्या में स्वागत किया जाता है।
दीपोत्सव में लाखों श्रद्धालुओं ने लिया हिस्सा
सीएम योगी ने दीपोत्सव का उल्लेख करते हुए कहा कि इस बार लाखों श्रद्धालुओं ने उत्साह और उमंग के साथ आयोजन में भाग लिया। उनके मुताबिक, इस दौरान किसी प्रकार की पाबंदी नहीं लगाई गई और सभी लोगों ने मिलकर उत्सव मनाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी के साथ भेदभाव नहीं किया गया। किसी भी त्योहार की वास्तविक खुशी तभी होती है, जब समाज के सभी वर्ग उसमें समान रूप से शामिल हों।
आस्था और अर्थव्यवस्था के संगम पर दिया जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब अयोध्या में रामभक्तों की परिक्रमा को रोका नहीं जाता, बल्कि इसे प्रोत्साहित किया जाता है। उन्होंने सरकारी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि आज लोगों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है।
सीएम योगी के मुताबिक, अयोध्या में आस्था और अर्थव्यवस्था का संगम विकास का नया उदाहरण बन रहा है। धार्मिक पर्यटन, श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और स्थानीय गतिविधियों से आर्थिक अवसर भी बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने इसे एक नई प्रेरणा का स्रोत बताया।