अयोध्या - रामनगरी अयोध्या में भव्य दीपोत्सव के बाद दीपावली के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाज के अलग-अलग वर्गों के साथ त्योहार की खुशियां साझा कीं। रविवार को मुख्यमंत्री रामघाट हॉल्ट के पास स्थित निषाद बस्ती पहुंचे, जहां दीपावली मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान उन्होंने दलित परिवारों, सफाईकर्मियों, नाविकों और बेहतर कार्य करने वाले पार्षदों को दीपावली के उपहार और मिठाइयां भेंट कीं।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने अयोध्या के विकास और दीपोत्सव को सफल बनाने में स्थानीय लोगों की भूमिका की सराहना की। साथ ही उन्होंने रामनगरी की धार्मिक पहचान, सुरक्षा और सांस्कृतिक विरासत को लेकर भी बड़ा संदेश दिया।
'अयोध्या के वैभव पर किसी मंथरा या मारीच की कुदृष्टि नहीं पड़ने देंगे'
दीपावली मिलन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या की गरिमा और पहचान को सुरक्षित रखने का संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने रामायण के पात्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि आने वाले समय में अयोध्या के वैभव पर किसी मंथरा या मारीच की कुदृष्टि नहीं पड़नी चाहिए।
सीएम योगी ने कहा कि अयोध्या को दोबारा बदनाम करने और यहां की संपत्ति तथा वैभव को नुकसान पहुंचाने की किसी भी कोशिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब रामनगरी में रामभक्तों पर गोलियां नहीं चलेंगी। किसी को भी 'जय श्रीराम' बोलने से रोकने के लिए लाठी-डंडों का इस्तेमाल नहीं करने दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने पंचकोसी, 14 कोसी और 84 कोसी परिक्रमा का जिक्र करते हुए कहा कि अब इन धार्मिक यात्राओं पर भी कोई प्रतिबंध नहीं लगा सकता।
30 लाख से अधिक दीपों से जगमगाई अयोध्या, सफाईकर्मियों की तारीफ
मुख्यमंत्री ने हाल ही में संपन्न हुए दीपोत्सव का जिक्र करते हुए सफाईकर्मियों की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि दीपोत्सव के दौरान अयोध्या में 30 लाख से अधिक दीपक जलाए गए। इस ऐतिहासिक आयोजन में देश और दुनिया से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। देर रात तक अयोध्या की सड़कों और घाटों पर लोगों की आवाजाही बनी रही।
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि अगले दिन सुबह जब उन्होंने शहर का जायजा लिया तो घाटों और सड़कों पर सफाई देखकर उन्हें काफी प्रसन्नता हुई। इतनी बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने के बावजूद कहीं गंदगी या अव्यवस्था दिखाई नहीं दी। उन्होंने इसके लिए सफाईकर्मियों को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनकी मेहनत और समर्पण अयोध्या की सुंदरता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
नाविकों और मांझी समाज के योगदान को बताया महत्वपूर्ण
मुख्यमंत्री ने सरयू नदी के घाटों पर काम करने वाले नाविकों, मांझियों और निषाद समाज के लोगों की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि सरयू की महाआरती और धार्मिक आयोजनों के दौरान नाविक पूरी जिम्मेदारी के साथ अपना काम करते हैं।
हर पर्व, अमावस्या और पूर्णिमा पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु सरयू नदी में स्नान करने पहुंचते हैं। ऐसे अवसरों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने में नाविकों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। मुख्यमंत्री ने उनके योगदान को सराहनीय बताते हुए कहा कि धार्मिक परंपराओं को आगे बढ़ाने में इन समुदायों की विशेष भागीदारी है।
भगवान राम और निषादराज की मित्रता का किया जिक्र
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने त्रेतायुग का उदाहरण देते हुए भगवान श्रीराम और निषादराज की मित्रता को याद किया। उन्होंने कहा कि भगवान राम ने अपने वनवास के दौरान निषादराज, माता शबरी, वानर और भालुओं को साथ लेकर अन्याय के खिलाफ संघर्ष किया था। सीएम योगी ने कहा कि उसी भावना के साथ आज नई अयोध्या का निर्माण भी सभी समाजों की भागीदारी से हो रहा है। इसमें किसी एक वर्ग का नहीं, बल्कि हर समुदाय और हर व्यक्ति का योगदान है।
'नई अयोध्या के निर्माण में हर वर्ग की भूमिका'
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की अयोध्या अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान के साथ विकास की नई तस्वीर पेश कर रही है। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद लोगों से कहा कि आने वाली पीढ़ियां इस दौर को याद करेंगी और उन सभी लोगों के योगदान को सराहेंगी, जिन्होंने नई अयोध्या के निर्माण में अपनी भूमिका निभाई।
उन्होंने कहा कि जब अयोध्या का नया स्वरूप तैयार हो रहा था, तब सफाईकर्मियों, नाविकों, निषाद समाज और स्थानीय परिवारों ने भी अपनी जिम्मेदारी निभाई। मुख्यमंत्री ने सभी से शहर की स्वच्छता, सुंदरता और धार्मिक गरिमा बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की। इस दीपावली मिलन कार्यक्रम के जरिए मुख्यमंत्री ने सामाजिक सहभागिता, श्रमिकों के सम्मान और अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने का संदेश दिया।