नई दिल्ली: आज आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की योगिनी एकादशी मनाई जा रही है। सनातन परंपरा में इस एकादशी का विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु की पूजा, व्रत और दान-पुण्य करने से पापों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है। मान्यता है कि योगिनी एकादशी का व्रत करने से 88 हजार ब्राह्मणों को भोजन कराने के बराबर पुण्य प्राप्त होता है।
ज्योतिष और वास्तु शास्त्र में भी इस दिन कुछ विशेष स्थानों पर दीपक जलाना शुभ माना गया है। आइए जानते हैं किन पांच जगहों पर दीपक जलाने की मान्यता है।
तुलसी के पौधे के पास जलाएं दीपक
धार्मिक मान्यता के अनुसार तुलसी माता को मां लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है। योगिनी एकादशी के दिन तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाने से घर में सुख-शांति, समृद्धि और सौभाग्य का वास होता है।
मुख्य द्वार पर करें दीपदान
घर के मुख्य प्रवेश द्वार पर घी का दीपक जलाना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ता है।
घर के मंदिर में जलाएं घी का दीपक
योगिनी एकादशी के दिन घर के पूजा स्थल पर अखंड ज्योति या घी का दीपक जलाने की परंपरा है। माना जाता है कि इससे भगवान विष्णु और अन्य देवी-देवताओं की कृपा प्राप्त होती है और घर में सकारात्मक वातावरण बना रहता है।
पीपल के पेड़ के नीचे करें दीपदान
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार एकादशी के दिन पीपल के पेड़ के पास दीपक जलाना शुभ फलदायी माना जाता है। ऐसा करने से शनि दोष और पितृ दोष से राहत मिलने की मान्यता है तथा रुके हुए कार्यों में गति आती है।
रसोई घर में भी जलाएं दीपक
रसोई को माता अन्नपूर्णा का निवास स्थान माना जाता है। इस दिन रसोई में दीपक जलाने से घर में अन्न-धन की कमी नहीं रहती और परिवार में समृद्धि बनी रहती है।
दीपक जलाते समय रखें इन बातों का ध्यान
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार दीपक जलाने के लिए शुद्ध गाय के घी या सरसों के तेल का उपयोग करना शुभ माना जाता है। दीपक जलाते समय मन को शांत रखें और श्रद्धा के साथ भगवान विष्णु का स्मरण करें।