रामपुर/लखनऊ: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। रामपुर जेल से रिहा होते ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। ED की टीम पैरामिलिट्री फोर्स और भारी सुरक्षा व्यवस्था के साथ रामपुर जेल के बाहर पहुंची थी। जेल से बाहर निकलते ही अधिकारियों ने आजम खान को अपनी हिरासत में ले लिया। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कार्रवाई पर नाराजगी जताई और कहा, 'अब कहने के लिए बचा ही क्या है? कानून तो जैसे खत्म ही हो गया है। क्या मुसलमान होने की यही सजा है?'
जेल से निकलते ही ED ने किया गिरफ्तार
आजम खान शनिवार को रामपुर जेल से बाहर निकले ही थे कि ED की टीम ने उन्हें अपने साथ ले लिया। मौके पर ED की करीब तीन गाड़ियां मौजूद थीं। सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स के जवान भी तैनात किए गए थे।जेल से बाहर आने के बाद आजम खान ने वहां मौजूद मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि उनकी गलती सिर्फ इतनी थी कि एक मुसलमान ने यूनिवर्सिटी बनाई और बच्चों की पढ़ाई के लिए स्कूल बनवाए।उन्होंने कहा, 'हमारी गलती बस इतनी थी कि एक मुसलमान ने यूनिवर्सिटी बनाई। यही हमारा गुनाह है। हमने बच्चों के लिए स्कूल बनवाए। क्या यही हमारा गुनाह है?'
2019 के मनी लॉन्ड्रिंग केस में ED की कार्रवाई
ED ने आजम खान के खिलाफ यह कार्रवाई मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की है। जांच का संबंध यूनिवर्सिटी के निर्माण में कथित वित्तीय अनियमितताओं, जमीन अधिग्रहण और सरकारी धन के इस्तेमाल से जुड़े आरोपों से है।इस मामले में ED प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत जांच कर रही है। एजेंसी ने आरोप लगाया है कि यूनिवर्सिटी के निर्माण में सरकारी धन और संसाधनों का कथित तौर पर इस्तेमाल किया गया तथा कई वित्तीय लेन-देन के स्रोत स्पष्ट नहीं हैं।
1170 करोड़ की संपत्ति पहले ही अटैच कर चुकी है ED
इस मामले में ED ने 28 अक्टूबर 2026 को मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की जमीन और इमारतों को अस्थायी रूप से अटैच किया था।एजेंसी के मुताबिक, अटैच की गई संपत्तियों का मौजूदा बाजार मूल्य करीब 1,170 करोड़ रुपये है।
समर्थकों का हाथ हिलाकर किया अभिवादन
रामपुर जेल के बाहर आजम खान की रिहाई और ED की कार्रवाई का वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में वह जेल से बाहर निकलते दिखाई देते हैं। इसके बाद ED के अधिकारी उन्हें अपने साथ ले जाने के लिए गाड़ी तक पहुंचाते हैं।गाड़ी में बैठने से पहले आजम खान ने वहां मौजूद समर्थकों की तरफ हाथ हिलाकर उनका अभिवादन किया।
जौहर यूनिवर्सिटी और ट्रस्ट की वित्तीय गतिविधियां जांच के घेरे में
ED की जांच का मुख्य केंद्र मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और उसके अंतर्गत संचालित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी है। जांच एजेंसी के मुताबिक, यूनिवर्सिटी के निर्माण में सरकारी परियोजनाओं से जुड़े धन, निर्माण सामग्री और अन्य संसाधनों के कथित इस्तेमाल की जांच की जा रही है।इस मामले में रामपुर के अजीमनगर थाने में दर्ज कई FIR और जमीन से जुड़े आरोप भी जांच का हिस्सा हैं। ED ने अपनी जांच के आधार पर उत्तर प्रदेश पुलिस को भी जानकारी दी थी, जिसके बाद अक्टूबर 2026 में नया मुकदमा दर्ज किया गया।
आजम खान की मुश्किलें फिर बढ़ीं
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान लंबे समय से अलग-अलग कानूनी मामलों का सामना कर रहे हैं। अब रामपुर जेल से रिहाई के तुरंत बाद ED की गिरफ्तारी ने उनके सामने एक और कानूनी चुनौती खड़ी कर दी है।जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े वित्तीय लेन-देन, जमीन और सरकारी संसाधनों के कथित इस्तेमाल को लेकर जांच जारी है। आने वाले दिनों में इस मामले में ED की पूछताछ और आगे की कानूनी कार्रवाई पर नजर रहेगी।