नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर आरक्षण में सुधार को लेकर चल रहे प्रदर्शन के बीच बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती ने पहली प्रतिक्रिया दी है। मायावती ने आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग करने वालों पर निशाना साधते हुए कहा कि संविधान में SC, ST और OBC समाज को मिले आरक्षण के खिलाफ किसी भी तरह की गतिविधि देशहित में उचित नहीं है।
मायावती ने कहा कि सदियों से जातिवाद और सामाजिक भेदभाव का सामना करने वाले वंचित वर्गों को संविधान ने आरक्षण का अधिकार दिया है। उन्होंने आरक्षण के मुद्दे पर सरकारों से संवैधानिक व्यवस्था की रक्षा करने और इस संवेदनशील विषय पर राजनीति से बचने की अपील की।
मायावती बोलीं- आरक्षण के खिलाफ गतिविधियां देशहित में नहीं
BSP सुप्रीमो ने कहा कि SC, ST और OBC समाज के लिए संविधान में दिए गए आरक्षण के खिलाफ किसी भी तरह की गतिविधि देशहित में उचित नहीं मानी जा सकती।उन्होंने कहा कि इन वर्गों को लंबे समय तक जातिगत भेदभाव और सामाजिक असमानता का सामना करना पड़ा है। इसी ऐतिहासिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए संविधान में उन्हें आरक्षण का अधिकार दिया गया।
बाबा साहेब आंबेडकर के विचारों का किया जिक्र
मायावती ने अपने बयान में बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जातिवाद का परित्याग करना ही सच्ची देशभक्ति है।
BSP प्रमुख का कहना है कि सामाजिक भेदभाव और जातिगत असमानता को खत्म किए बिना समाज में वास्तविक समानता स्थापित नहीं की जा सकती। ऐसे में आरक्षण से जुड़े संवैधानिक प्रावधानों को कमजोर करने वाली गतिविधियों को लेकर उन्होंने चिंता जताई।
आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग पर सवाल
जंतर-मंतर पर आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग को लेकर हो रहे प्रदर्शन पर भी मायावती ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें गरीबी दूर करने के लिए हर साल विभिन्न योजनाओं पर बड़ी राशि खर्च करती हैं।
उनका आरोप है कि भ्रष्टाचार और सरकारी व्यवस्था की खामियों के कारण इन योजनाओं का पूरा लाभ गरीब लोगों तक नहीं पहुंच पाता। ऐसे में आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की मदद के लिए मौजूदा सरकारी योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू करने पर जोर दिया जाना चाहिए।
'आर्थिक आधार पर आरक्षण पहले से लागू'
मायावती ने कहा कि आर्थिक आधार पर आरक्षण की व्यवस्था पहले से लागू है, लेकिन इसका लाभ भी गरीब परिवारों तक अपेक्षित रूप से नहीं पहुंच रहा है।
उन्होंने सरकारी व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार और जातिवादी सोच के कारण संवैधानिक आरक्षण के प्रावधान भी पूरी तरह प्रभावी ढंग से लागू नहीं हो पाए हैं।
SC, ST और OBC की स्थिति को लेकर जताई चिंता
BSP प्रमुख ने कहा कि आजादी के इतने वर्षों बाद भी SC, ST और OBC समाज के लोगों को गरीबी, जातीय भेदभाव, शोषण और अत्याचार जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने सभी सरकारों से अपील की कि आरक्षण विरोधी तत्वों को संरक्षण नहीं दिया जाना चाहिए। साथ ही लोगों से इस संवेदनशील मुद्दे पर सस्ती राजनीति से बचने की अपील की।
राहुल गांधी और कांग्रेस पर भी मायावती का निशाना
मायावती ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिस दिन राहुल गांधी एक पीड़ित व्यक्ति के मामले में FIR दर्ज कराने की मांग को लेकर संसद मार्ग थाने के बाहर कई घंटों तक धरने पर बैठे रहे, उस समय उनकी पार्टी को इस प्रदर्शन पर कोई आपत्ति नहीं थी।
मायावती ने सवाल उठाया कि जब जंतर-मंतर पर दलितों और वंचित वर्गों को जातीय आधार पर मिले आरक्षण को खत्म करने की मांग को लेकर प्रदर्शन हो रहा था, तब राहुल गांधी या कांग्रेस का कोई नेता प्रदर्शनकारियों को समझाने के लिए वहां क्यों नहीं पहुंचा।
'कांग्रेस की आरक्षण विरोधी मानसिकता साफ'
BSP प्रमुख ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस की चुप्पी से दलित और वंचित वर्गों के प्रति उसकी कथित आरक्षण विरोधी मानसिकता सामने आती है।
मायावती ने कहा कि आरक्षण का मुद्दा बेहद संवेदनशील है और इससे करोड़ों लोगों के सामाजिक तथा संवैधानिक अधिकार जुड़े हुए हैं। ऐसे में राजनीतिक दलों को इस मुद्दे पर स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए।