लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को शारदीय नवरात्र के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की। उन्होंने मां के तप और संकल्प को दृढ़ इच्छाशक्ति से लक्ष्य हासिल करने की प्रेरणा बताया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश में महिला सुरक्षा के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का उल्लेख किया। आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में 2017 से पहले और उसके बाद के उत्तर प्रदेश की तुलना की। उन्होंने कहा कि पहले महिला सुरक्षा को लेकर सवालों से घिरा रहने वाला प्रदेश आज नारी सुरक्षा और सामर्थ्य की नई पहचान बना है। नवरात्रि के पावन अवसर पर यह संदेश महिलाओं के सशक्तीकरण से जुड़ा रहा।
अपराध के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में अपराध और अपराधियों को बिल्कुल बर्दाश्त न करने की नीति ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था ने अपराधों पर लगाम कसने में मदद की है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से महिलाओं को सुरक्षा का अहसास हुआ है। जन-जागरूकता अभियानों ने समाज में जागरूकता बढ़ाई है। इन सभी प्रयासों के परिणामस्वरूप महिलाओं के लिए भयमुक्त वातावरण बनाने में सफलता मिली है। सरकार की नीति अपराधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई पर आधारित रही है।
मिशन शक्ति और सुरक्षा पहलों का विस्तार
आदित्यनाथ ने मिशन शक्ति के पांच चरणों का उल्लेख करते हुए कहा कि इस अभियान ने महिला सुरक्षा को नई दिशा दी है। सेफ सिटी परियोजना के तहत शहरी क्षेत्रों में निगरानी व्यवस्था मजबूत की गई है। मिशन शक्ति केंद्रों की स्थापना से महिलाओं को सहायता और मार्गदर्शन मिल रहा है। महिला बीट पुलिसिंग जैसी पहलों से स्थानीय स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था प्रभावी बनी है। इन कदमों से महिला सुरक्षा व्यवस्था पहले की तुलना में कहीं अधिक मजबूत हुई है। प्रदेश सरकार इन पहलों को लगातार आगे बढ़ा रही है।
महिला पुलिसकर्मियों की बढ़ती संख्या
मुख्यमंत्री ने पुलिस बल में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि 20 प्रतिशत आरक्षण के साथ प्रदेश में महिला पुलिसकर्मियों की संख्या 10,000 से बढ़कर 44,000 से अधिक हो गई है। यह वृद्धि महिलाओं को पुलिस बल में अधिक अवसर देने का परिणाम है। महिला पुलिसकर्मियों की उपस्थिति से पीड़ित महिलाओं को सहजता महसूस होती है। सुरक्षा व्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से विश्वास का वातावरण बना है। सरकार इस दिशा में और प्रयास जारी रखेगी।
तीन महिला पीएसी बटालियन का गठन
आदित्यनाथ ने बताया कि लखनऊ में वीरांगना ऊदा देवी पासी, गोरखपुर में वीरांगना झलकारी बाई कोरी और बदायूं में वीरांगना अवंतीबाई लोधी के नाम पर तीन महिला प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी यानी पीएसी बटालियन गठित की गई हैं। ये बटालियन महिलाओं के नाम पर गठित होने के कारण ऐतिहासिक महत्व रखती हैं। इनके गठन से सुरक्षा व्यवस्था में महिलाओं की भूमिका और मजबूत हुई है। प्रदेश सरकार नारी सुरक्षा से नारी सशक्तीकरण की दिशा में लगातार काम कर रही है। यह यात्रा सशक्त नारी-समृद्ध उत्तर प्रदेश के संकल्प को साकार करने के लिए जारी रहेगी।