देहरादून : उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी ने 2022 के विधानसभा चुनाव में हारी हुई 23 सीटों पर विशेष फोकस करते हुए संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की रणनीति बनाई है। इन सीटों पर पार्टी अब केवल चुनाव के समय सक्रिय होने के बजाय लगातार संगठनात्मक प्रवास कार्यकर्ताओं से संवाद और जमीनी स्तर पर कमजोरियों की पहचान करने पर जोर दे रही है।
भाजपा की रणनीति में हारी हुई 23 सीटों को अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों के हिसाब से चिन्हित कर वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी देना शामिल है। पार्टी के कोर कमेटी सदस्यों वरिष्ठ पदाधिकारियों और सरकार से जुड़े नेताओं को इन विधानसभा क्षेत्रों में संगठनात्मक प्रवास की जिम्मेदारी सौंपी गई है। संबंधित नेता चुनाव तक अपने-अपने क्षेत्रों में संगठनात्मक गतिविधियों और बूथ स्तर के कार्यक्रमों की निगरानी करेंगे।
बूथ स्तर पर कमजोर कड़ियों को दूर करने पर जोर
भाजपा का मानना है कि विधानसभा चुनाव में संगठन की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी बूथ स्तर का कार्यकर्ता होता है। इसी वजह से पार्टी हारी हुई सीटों पर बूथ इकाइयों को सक्रिय करने और कमजोर बूथों की पहचान कर वहां संगठनात्मक गतिविधियां बढ़ाने की तैयारी में है।
पार्टी की ओर से बूथ लेवल एजेंट-2 यानी BLA-2 की नियुक्ति का काम भी प्राथमिकता से आगे बढ़ाया गया है। फरवरी 2026 की रिपोर्ट के अनुसार उस समय तक BLA-2 गठन का करीब 80 प्रतिशत काम पूरा हो चुका था और शेष कार्य को जल्द पूरा करने की बात कही गई थी।
कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद
संगठनात्मक प्रवास के दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेता स्थानीय कार्यकर्ताओं पूर्व पदाधिकारियों और प्रमुख नेताओं से संवाद करेंगे। इसका उद्देश्य संगठन के भीतर संवाद की कमी को दूर करना और स्थानीय स्तर पर सामने आ रही समस्याओं की जानकारी लेना है।
प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत भारद्वाज ने भी बूथ को मजबूत करने को इस अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया है। पार्टी की कोशिश है कि वर्तमान और पूर्व कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो और सभी संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करें।