चंपावत : नगर के ऐतिहासिक एवं प्राचीन बालेश्वर महादेव मंदिर में सात दिवसीय मां नंदा-सुनंदा महोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ। महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर बालेश्वर मंदिर परिसर से भव्य कलश यात्रा और आकर्षक झांकियां निकाली गईं। जिलाधिकारी मनीष कुमार ने मंदिर परिसर से हरी झंडी दिखाकर झांकियों को रवाना किया।
कलश यात्रा और झांकियां बालेश्वर मंदिर से शुरू होकर तल्लीहाट भैरवा मादली जीआईसी बस स्टेशन होते हुए मुख्य मोटर स्टेशन पहुंचीं। इस दौरान नगर में श्रद्धा और उत्साह का माहौल बना रहा। झांकियों को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग सड़कों के किनारे और प्रमुख स्थानों पर एकत्र हुए।
स्कूली बच्चों ने दिखाई उत्तराखंड की संस्कृति
महोत्सव की झांकियों में विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर प्रतिभाग किया। मल्लीकार्जुन स्कूल होली फैथ स्कूल मॉडर्न इंटरनेशनल स्कूल उदयन स्कूल यूसीएसएस स्कूल समेत अन्य विद्यालयों के बच्चों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से उत्तराखंड की लोक संस्कृति परंपराओं और धार्मिक विरासत को प्रदर्शित किया।
मुख्य मोटर स्टेशन पर पहुंचने के बाद झांकियों ने लोगों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। बच्चों की प्रस्तुतियों और पारंपरिक स्वरूप में सजाई गई झांकियों ने उपस्थित लोगों को उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा से रूबरू कराया। पूरे नगर में भक्तिमय वातावरण देखने को मिला।
जिलाधिकारी ने बताया सांस्कृतिक पहचान का अभिन्न हिस्सा
इस अवसर पर जिलाधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि मां नंदा-सुनंदा महोत्सव चंपावत की धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ा महत्वपूर्ण आयोजन है। उन्होंने कहा कि ऐसे पारंपरिक आयोजनों से क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को मजबूती मिलती है।
उन्होंने स्कूली बच्चों की भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि नई पीढ़ी का अपनी लोक संस्कृति और परंपराओं से जुड़ना महत्वपूर्ण है। बालेश्वर महादेव मंदिर चंपावत के साथ-साथ उत्तराखंड की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है।
गणेश पूजन के साथ शुरू हुए धार्मिक अनुष्ठान
महोत्सव समिति के अध्यक्ष विजय वर्मा ने बताया कि गुरुवार को महंत पवन गिरी की ओर से गणेश पूजन मातृ पूजन नवगृह पूजन समेत विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए गए। इसके बाद विधिवत रूप से भव्य कलश यात्रा और झांकी का आयोजन किया गया।
उन्होंने बताया कि चंपावत में मां नंदा-सुनंदा महोत्सव का आयोजन वर्ष 2007 से लगातार किया जा रहा है। सात दिवसीय महोत्सव का समापन 22 सितंबर को होगा। महोत्सव के दौरान विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
हजारों लोगों ने देखीं झांकियां
झांकियों के आयोजन को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। नगर के विभिन्न मार्गों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग झांकियों को देखने पहुंचे। स्कूली बच्चों की प्रस्तुतियों ने आयोजन में विशेष आकर्षण जोड़ा।
कार्यक्रम के दौरान धार्मिक आस्था लोक संस्कृति और बच्चों की प्रस्तुतियों का सुंदर संगम देखने को मिला। आयोजकों के अनुसार महोत्सव के आगामी दिनों में भी विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।