चम्पावत : बीस सूत्री कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति उत्तराखंड सरकार के उपाध्यक्ष एवं दर्जा राज्य मंत्री रामपाल सिंह ने विकास भवन सभागार चम्पावत में जिले के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति उनके क्रियान्वयन तथा आमजन तक योजनाओं का लाभ पहुंचने की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई।
उत्तराखंड में प्रथम स्थान पर बना
बैठक में जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी दीप्ति कीर्ति तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया कि चम्पावत जनपद 99.75 प्रतिशत प्रगति के साथ विगत 15 माह से लगातार उत्तराखंड में प्रथम स्थान पर बना हुआ है। उन्होंने बताया कि जनपद विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में बेहतर प्रदर्शन कर रहा है।
बैठक में जल जीवन मिशन प्रधानमंत्री आवास योजना शिक्षा स्वास्थ्य कृषि ग्रामीण विकास रोजगार राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन एनआरएलएम महिला एवं बाल विकास तथा सामाजिक सुरक्षा पेंशन सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विभागवार समीक्षा की गई।
अधिकारियों के कार्यों की सराहना
इस दौरान राज्य मंत्री रामपाल सिंह ने कहा कि चम्पावत जनपद सभी श्रेणियों में बेहतर प्रदर्शन करते हुए प्रदेश के 13 जिलों में प्रथम स्थान पर आया है। उन्होंने अधिकारियों द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की। साथ ही सड़कों से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए आरडब्ल्यूडी और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अधिकारियों के साथ अलग से बैठक करने के निर्देश दिए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विकास कार्यों की समीक्षा केवल कार्यालयों में बैठकर न करें बल्कि धरातल पर उतरकर योजनाओं की वास्तविक स्थिति का जायजा लें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन के अनुरूप सरकार की प्राथमिकता गरीब और आम व्यक्ति तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।
योजनाओं के क्रियान्वयन का आकलन
रामपाल सिंह ने कहा कि अधिकारियों को केवल दफ्तरों तक सीमित नहीं रहना चाहिए बल्कि क्षेत्र में जाकर योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति का आकलन करना चाहिए। इससे जमीनी स्तर पर आने वाली समस्याओं और कमियों की पहचान कर समय रहते उनका समाधान किया जा सकेगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकार की योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक समयबद्ध और प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के उत्थान और समग्र विकास के लिए कार्य कर रही है। ऐसे में अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाने में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो।
जनकल्याणकारी योजना की सफलता
राज्य मंत्री ने कहा कि किसी भी जनकल्याणकारी योजना की सफलता तभी मानी जाएगी जब उसका वास्तविक लाभ समाज के अंतिम छोर पर खड़े जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुंचे। इसके लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करना होगा। साथ ही योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता जवाबदेही और गुणवत्ता सुनिश्चित करनी होगी।
उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं की नियमित समीक्षा करने और क्षेत्रीय स्तर पर सामने आने वाली समस्याओं का त्वरित समाधान करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी समय-समय पर फील्ड में जाकर योजनाओं की प्रगति का निरीक्षण करें ताकि कमियों को दूर कर आमजन को योजनाओं का पूरा लाभ मिल सके।
राज्य मंत्री ने किया स्पष्ट
बैठक में राज्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक विभाग को जिम्मेदारी और जवाबदेही के साथ कार्य करना होगा जिससे जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पारदर्शी एवं प्रभावी तरीके से पहुंचाया जा सके।