डोईवाला की मारखम ग्रांट ग्राम पंचायत के राजाजी टाइगर रिजर्व से सटे बुल्लावाला क्षेत्र में करीब 4 करोड़ रुपये की लागत से बन रही हाथी सुरक्षा दीवार एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गई है। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में गंभीर खामियों का आरोप लगाते हुए पार्क प्रशासन और कार्यदायी संस्था के खिलाफ नाराजगी जताई है।
2,800 मीटर लंबी दीवार का निर्माण
ग्रामीणों का कहना है कि लगभग 2,800 मीटर लंबी हाथी सुरक्षा दीवार का निर्माण किया गया है लेकिन कई स्थानों पर दीवार अधूरी छोड़ दी गई है। कुछ हिस्सों में निर्माण ही नहीं किया गया जबकि कई जगहों पर दीवार की ऊंचाई भी मानकों के अनुरूप नहीं रखी गई है। ऐसे में हाथी समेत अन्य वन्यजीव आसानी से आबादी वाले क्षेत्रों और किसानों के खेतों तक पहुंच रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार सुरक्षा दीवार का उद्देश्य वन्यजीवों की आवाजाही रोककर लोगों और उनकी फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था लेकिन निर्माण में खामियों के कारण यह उद्देश्य पूरा होता नहीं दिख रहा है। खेतों में लगातार जंगली जानवरों के घुसने से किसानों की फसलें बर्बाद हो रही हैं और ग्रामीणों के सामने जान-माल का खतरा भी बना हुआ है।
वन्यजीवों के लिए प्रवेश मार्ग का काम
ग्राम प्रधान परमिंदर सिंह बाऊ ने बताया कि कई स्थानों पर दीवार की ऊंचाई काफी कम है जिससे वन्यजीव आसानी से उसे पार कर गांव और खेतों में पहुंच रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई जगहों पर दीवार के बीच जानबूझकर गैप छोड़ दिए गए हैं जो वन्यजीवों के लिए प्रवेश मार्ग का काम कर रहे हैं। उनका कहना है कि इन कमियों को तत्काल दूर किया जाना चाहिए।
ग्रामीणों का कहना है कि सुरक्षा दीवार बनने के बावजूद उनकी समस्याएं कम होने के बजाय और बढ़ गई हैं। जंगली जानवरों के डर से लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। क्षेत्र में वन्यजीवों के हमलों और दुर्घटनाओं की घटनाएं भी लगातार सामने आ रही हैं। वहीं फसलों को हो रहे लगातार नुकसान के चलते कई किसानों ने खेती करना तक छोड़ दिया है।
पार्क प्रशासन से मांग
ग्रामीणों ने कार्यदायी संस्था और पार्क प्रशासन से मांग की है कि हाथी सुरक्षा दीवार का निर्माण कार्य पूरी गुणवत्ता के साथ शीघ्र पूरा किया जाए तथा जहां-जहां निर्माण में खामियां हैं उन्हें तत्काल दूर किया जाए ताकि वन्यजीवों की आबादी क्षेत्र में आवाजाही पर प्रभावी रोक लग सके और लोगों को राहत मिल सके।