देशभर में गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किए जाने की मांग लगातार तेज होती जा रही है। इसी बीच मध्य प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि गाय का संरक्षण केवल सरकार और प्रशासन के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता बल्कि इसके लिए पूरे समाज को जागरूक होकर आगे आना होगा।
गाय में 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास
कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि सनातन धर्म में गाय का एक विशिष्ट और पूजनीय स्थान है। उन्होंने कहा कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गाय में 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास माना जाता है। यही कारण है कि कई संत और धर्मगुरु पहले गाय को भोजन कराते हैं और उसके बाद स्वयं अन्न ग्रहण करते हैं।
उन्होंने कहा कि गाय केवल एक पशु नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति और आस्था का प्रतीक है। समाज में गाय के प्रति सम्मान और संरक्षण की भावना लगातार मजबूत होनी चाहिए। विजयवर्गीय ने कहा कि गाय का स्थान लोगों के दिलों में है और यह भारतीय परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
गाय के सम्मान की बात
मंत्री विजयवर्गीय ने यह भी कहा कि उन्हें खुशी है कि अब अन्य समुदायों के लोग भी गाय के सम्मान की बात करने लगे हैं। उन्होंने कहा कि कई मुस्लिम समाज के लोग भी अब यह मानने लगे हैं कि गाय को सम्मान मिलना चाहिए और उसके संरक्षण के लिए समाज को आगे आना चाहिए।
उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि गौ संरक्षण केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं होना चाहिए बल्कि इसे सामाजिक और सांस्कृतिक जिम्मेदारी के रूप में देखा जाना चाहिए। सरकार अपने स्तर पर लगातार प्रयास कर रही है लेकिन समाज की भागीदारी के बिना गौ संरक्षण का उद्देश्य पूरी तरह सफल नहीं हो सकता।