मनसा देवी मंदिर में पुजारियों और कर्मचारियों के लिए बिना जेब वाले कुर्ते का नियम लागू किए जाने के बाद इस फैसले को लेकर विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इस बीच मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत रविंद्र पुरी ने इस व्यवस्था का बचाव करते हुए कहा कि यह निर्णय चढ़ावे की सुरक्षा और मंदिर की गरिमा बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है।
मंदिर की छवि प्रभावित
महंत रविंद्र पुरी ने कहा कि यदि मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी किसी भी प्रकार की चोरी या गड़बड़ी की घटना सामने आती है तो सोशल मीडिया पर सबसे पहले मंदिर ट्रस्ट को ही निशाना बनाया जाता है। ऐसे मामलों में मंदिर की छवि प्रभावित होती है इसलिए पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए बिना जेब वाले कुर्ते की व्यवस्था लागू करना आवश्यक समझा गया।
उन्होंने बताया कि इस निर्णय को लेकर मंदिर के पुजारियों और कर्मचारियों का भी पूरा सहयोग मिल रहा है। ट्रस्ट जल्द ही सभी पुजारियों और कर्मचारियों के लिए बिना जेब वाले कुर्ते तैयार करवाएगा ताकि नई व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।
श्रद्धालुओं की आस्था सर्वोच्च प्राथमिकता
महंत रविंद्र पुरी ने कहा कि मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की आस्था और चढ़ावे की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है जिससे किसी भी प्रकार के संदेह या विवाद की स्थिति से बचा जा सके।
गौरतलब है कि इस फैसले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए बिना किसी मंदिर का नाम लिए पंडा-पुजारियों के लिए बिना जेब वाले कुर्ते का नियम बनाए जाने पर आपत्ति जताई। उनके पोस्ट के बाद इस मुद्दे पर चर्चा और तेज हो गई है। हालांकि मंदिर ट्रस्ट का कहना है कि यह निर्णय पूरी तरह प्रशासनिक और व्यवस्था सुधार से जुड़ा है तथा इसका उद्देश्य केवल पारदर्शिता चढ़ावे की सुरक्षा और मंदिर की प्रतिष्ठा को बनाए रखना है।