डोईवाला : डोईवाला की पुरानी शिक्षण संस्थाओं में शामिल पब्लिक इंटर कॉलेज P.I.C. में छात्रों को अनुशासन के नाम पर शारीरिक दंड दिए जाने के आरोपों के बाद मामला तूल पकड़ गया। अभिभावकों ने विद्यालय के प्रधानाचार्य पर कुछ छात्रों के साथ मारपीट किए जाने का आरोप लगाया। मामले की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधि भी विद्यालय पहुंचे और घटना को लेकर विरोध जताया।
अभिभावकों का कहना है कि बच्चों को अनुशासन के नाम पर शारीरिक रूप से दंडित करना उचित नहीं है। उनका आरोप है कि इस तरह की कार्रवाई का बच्चों के मानसिक और भावनात्मक विकास पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। अभिभावकों ने विद्यालय प्रबंधन से मांग की कि भविष्य में छात्रों के साथ इस तरह की घटना दोबारा न हो और मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए।
पहले भी छात्राओं को दंड देने का आरोप
अभिभावकों ने यह भी आरोप लगाया कि इससे पहले भी विद्यालय में छात्राओं को अनुशासन के नाम पर दंड दिए जाने का मामला सामने आया था। उनके मुताबिक उस दौरान कई छात्राओं के कक्षा में बेहोश होकर गिरने की बात सामने आई थी। हालांकि इन पुराने आरोपों की वास्तविक स्थिति और परिस्थितियां जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगी।
प्रधानाचार्य ने दी सफाई
वहीं पूरे मामले को लेकर विद्यालय के प्रधानाचार्य ने अपनी सफाई दी। उन्होंने कहा कि अनुशासन बिगाड़ने वाले कुछ छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी और उनका उद्देश्य किसी भी छात्र के साथ मारपीट करना नहीं था। प्रधानाचार्य ने अभिभावकों को आश्वस्त किया कि भविष्य में इस तरह की स्थिति उत्पन्न न हो इसका ध्यान रखा जाएगा।
जांच के बाद स्पष्ट होगी पूरी स्थिति
फिलहाल छात्रों को शारीरिक दंड दिए जाने के आरोपों को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। एक ओर अभिभावक इसे अनुशासन के नाम पर बच्चों के साथ गलत व्यवहार बता रहे हैं वहीं प्रधानाचार्य ने मारपीट के इरादे से इनकार किया है।
ऐसे में मामले की निष्पक्ष जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विद्यालय में छात्रों के साथ वास्तव में क्या हुआ और जिम्मेदारी किसकी बनती है। अब नजर संबंधित शिक्षा विभाग की जांच और उसके बाद संभावित कार्रवाई पर है।