देवभूमि उत्तराखंड में सड़कों पर नमाज को लेकर सरकार के सख्त रुख का संत समाज ने खुलकर समर्थन किया है। जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी गर्भ गिरी महाराज ने धामी सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह निर्णय बहुत पहले ही लागू हो जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है जहां देशभर से करोड़ों श्रद्धालु दर्शन और आस्था के साथ पहुंचते हैं। ऐसे में सड़कों पर नमाज पढ़ना पूरी तरह अनुचित है और इससे यातायात व्यवस्था भी प्रभावित होती है।
कानून सभी धर्मों के लिए समान
उन्होंने कहा कि किसी को भी सार्वजनिक सड़कों को धार्मिक गतिविधियों के लिए बाधित करने का अधिकार नहीं है। महामंडलेश्वर स्वामी गर्भ गिरी महाराज ने कहा कि संत समाज लंबे समय से इस मांग को उठा रहा था कि सड़कें आम जनता और यातायात के लिए होती हैं धार्मिक आयोजन के लिए नहीं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जिसे नमाज पढ़नी है वह मस्जिद या अपने घर में पढ़े लेकिन सड़क पर नमाज पढ़ने वालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कानून सभी धर्मों के लिए समान है और चाहे संत समाज हो या मुस्लिम समुदाय सभी को यातायात नियमों और कानून का पालन करना चाहिए। तभी देश और समाज सुचारू रूप से आगे बढ़ सकता है।