हरिद्वार फॉरेस्ट डिविजन के श्यामपुर रेंज में दो बाघों के शिकार के मामले ने वन विभाग और प्रशासन को गंभीर चुनौती में डाल दिया है। इस मामले में मुख्य आरोपी आमिर हमजा की रिमांड मिलने का इंतजार किया जा रहा है जिसके लिए वन विभाग ने कोर्ट में एप्लीकेशन भी दाखिल कर दी है।
बाघों के पंजों को रिकवर करने के प्रयास
जानकारी के अनुसार आरोपी की रिमांड मिलने के बाद वन विभाग की टीम बाघों के पंजों को रिकवर करने के प्रयास तेज करेगी। इसके साथ ही शिकार से जुड़े अन्य सबूतों की भी गहन जांच की जाएगी।
वन विभाग ने दावा किया है कि जांच के दौरान शिकार में इस्तेमाल किया गया जहर और कुल्हाड़ी बरामद कर ली गई है। डीएफओ के अनुसार आरोपियों ने खेती-बाड़ी में उपयोग होने वाले केमिकल को जहर के रूप में इस्तेमाल किया जिससे बाघों का शिकार किया गया।
प्रशासन ने की कड़ी कार्रवाई
मामले में लापरवाही सामने आने के बाद प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए श्यामपुर रेंज के रेंजर एक वन दरोगा और एक वन आरक्षी को निलंबित कर दिया है।
यह मामला वन्यजीव संरक्षण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है और जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क की गहनता से जांच कर रही हैं।